Chhattisgarh Weather News : छत्तीसगढ़ के मौसम (Heavy Rain Alert CG) में एक बार फिर बदलाव की संभावना है। बीते दो दिनों से बारिश में आई थोड़ी राहत के बाद अब राज्य में मानसून फिर से सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर बीजापुर, सुकमा, मुंगेली सहित 12 से अधिक जिलों में तेज बारिश हो सकती है। विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
वहीं मौसम विभाग (Heavy Rain Alert CG) ने आज छत्तीसगढ़ के मुंगेली, बेमेतरा और कबीरधाम जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। राज्य के अन्य जिलों में मौसम सामान्य बना रहेगा।
Heavy Rain Alert CG इन जिलों के लिए यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के सूरजपुर, बलरामपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा, खैरागढ़-छुइखदान-गंडई, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर समेत आसपास के जिलों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।
बारिश के दौरान बरतें ये सावधानियां
बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें – गीले मौसम में करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
खुले मैदान में बिजली गिरने से बचें – गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे या खुले में खड़े न हों।
पेयजल को उबालकर पिएं – बारिश में जलस्रोत प्रदूषित हो सकते हैं, संक्रमण से बचने के लिए उबालकर पानी पिएं।
खुले जख्मों को ढककर रखें – पानी से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
गीले कपड़े पहनकर देर तक न रहें – इससे बुखार, जुकाम या त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
सीवर या खुले मेनहोल से बचें – जलभराव में ढंके नहीं दिखाई देते और हादसे का कारण बन सकते हैं।
बच्चों को बाहर खेलने से रोकें – गंदा पानी और फिसलन से चोट या बीमारी हो सकती है।
अपने मोबाइल या बिजली उपकरणों को सूखे स्थान पर रखें – शॉर्ट सर्किट या नुकसान से बचें।
वाहन चलाते समय हैडलाइट और ब्रेक की जांच करें- बारिश में ब्रेकिंग सिस्टम कम असरदार हो सकता है।
समाचार और मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखें – समय रहते सावधानी बरतने में मदद मिलती है।

कोरबा में भारी बारिश के बीच धंसा कुआं
कोरबा जिले में मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां बनवार गांव में एक कुआं धंस गया। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए। घटना जटगा चौकी क्षेत्र की है, जहां देर रात तक SDRF की टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी रही, लेकिन लगातार बारिश और अंधेरे के कारण आधी रात ढाई बजे ऑपरेशन को रोकना पड़ा। आज सुबह टीम ने दोबारा राहत कार्य शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार, छोटू राम श्रीवास (65), उनकी पत्नी कंचन श्रीवास (53) और बेटा गोविंद श्रीवास (30) कुएं में लगे मोटर पंप को निकालने पहुंचे थे। उसी दौरान अचानक पूरा कुआं भरभराकर ढह गया और तीनों लोग मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि यह कुआं करीब दो महीने पहले ही खुदवाया गया था। प्रशासनिक टीम और SDRF मौके पर मौजूद है। बारिश और समय के साथ जारी संघर्ष के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।