Fog Weather Farming Advisory : घना कोहरा अलर्ट, किसानों के लिए अलर्ट जारी

By admin
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Fog Weather Farming Advisory

Agriculture Advisory Farmers News : देश के कई हिस्सों में इन दिनों घने कोहरे की चादर छाई हुई है। बदलते मौसम और बढ़ती ठंड के बीच किसानों (Fog Weather Farming Advisory) के लिए फसलों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनती जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। विजिबिलिटी कम होने से जहां सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है, वहीं खेती-किसानी पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने किसानों के लिए अहम सलाह जारी की है। तेज हवा और घने कोहरे में खेती सावधानीके तहत किसानों को मौसम के अनुसार फैसले लेने की अपील की गई है।

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दवा के छिड़काव से बचें किसान

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से किसानों (Fog Weather Farming Advisory) को सचेत किया है कि तेज हवा या घने कोहरे के समय खेतों में दवा का छिड़काव न करें। विभाग के अनुसार, कोहरे और हवा के दौरान छिड़काव करने से दवा फसल तक ठीक से नहीं पहुंच पाती और उसका असर कम हो जाता है। इससे किसानों का खर्च बढ़ता है और फसल को अपेक्षित लाभ नहीं मिलता। शांत और साफ मौसम में छिड़काव करने से दवा सीधे फसल पर असर करती है और कीट-रोग नियंत्रण बेहतर ढंग से हो पाता है। यह सलाह तेज हवा और घने कोहरे में खेती सावधानी (Fog Weather Farming Advisory) का अहम हिस्सा है।

मौसम देखकर लें खेती से जुड़े फैसले

कृषि विभाग ने किसानों (Fog Weather Farming Advisory) को मौसम विभाग की साप्ताहिक और दैनिक सलाह पर ध्यान देने की भी अपील की है। मौसम-आधारित खेती से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बारिश, ठंड की लहर, कोहरा या तापमान में अचानक बदलाव जैसी परिस्थितियों में समय पर सही फैसला लेना फसलों को सुरक्षित रखने में मदद करता है। इससे अनावश्यक सिंचाई, दवा और खाद पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचाया जा सकता है।

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मौसम-आधारित बुवाई से घटेगा जोखिम

किसानों (Fog Weather Farming Advisory) को बुवाई का समय तय करते समय मौसम विभाग की सलाह जरूर देखनी चाहिए। गलत समय पर बुवाई करने से बीज खराब होने, अंकुरण में दिक्कत और उत्पादन घटने का खतरा रहता है। ठंड और कोहरे के मौसम में सही समय पर बुवाई करने से फसल मजबूत होती है और आगे चलकर रोग-कीट का खतरा भी कम रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के अनुसार खेती करने से लागत घटती है और पैदावार में सुधार होता है।

Fog Weather Farming Advisory फसल चक्र अपनाने की सलाह

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार हर मौसम में एक ही फसल उगाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। इससे मिट्टी में पोषक तत्वों का असंतुलन हो जाता है और कीट व रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। फसल चक्र बदलने से मिट्टी को आराम मिलता है और पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है। इससे उत्पादन स्वाभाविक रूप से बढ़ता है और रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम होती है। यह उपाय तेज हवा और घने कोहरे में खेती सावधानी (Fog Weather Farming Advisory) के तहत किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जा रहा है।

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बदलते मौसम में सतर्कता जरूरी

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण किसानों को पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। समय पर ली गई सावधानियां न केवल फसल को नुकसान से बचाती हैं, बल्कि किसानों की आय को भी सुरक्षित रखती हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी नियमित रूप से लें और उसी के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय करें।

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