Dhamtari News : फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सहारे करीब दो दशक तक सरकारी नौकरी (Fake Certificate Teacher Dismissal) करने का बड़ा खुलासा धमतरी जिले में हुआ है। जिला शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आठ प्रधानपाठकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, जबकि मगरलोड ब्लाक सबसे अधिक प्रभावित रहा है।
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जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार वर्ष 2007 की शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त किए गए इन शिक्षकों के दस्तावेज जांच में फर्जी (Fake Certificate Teacher Dismissal) पाए गए। शासन स्तर पर मिली शिकायतों के बाद प्रकरण की जांच शुरू की गई थी। सूचना के अधिकार के तहत जब संबंधित शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और सेवा रिकॉर्ड सामने आए, तब गड़बड़ियों की परतें खुलती चली गईं।
जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों (Fake Certificate Teacher Dismissal) के आधार पर इन शिक्षकों ने न केवल नौकरी हासिल की, बल्कि वर्ष 2018 में संविलियन का लाभ भी लिया और पदोन्नति पाकर प्रधानपाठक तक बन गए। विभागीय जांच में प्रमाण पत्र अमान्य और कूटरचित पाए जाने के बाद शासन के निर्देश पर सभी को सीधे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
(Fake Certificate Teacher Dismissal) इन प्रधानपाठकों पर गिरी गाज
शासकीय प्राथमिक शाला विश्रामपुर धमतरी के लखनलाल साहू, शासकीय प्राथमिक शाला सोनारिनदैहान मगरलोड की ईश्वरी निर्मलकर, शासकीय प्राथमिक शाला भरदा की मंजू खुंटेर, शासकीय प्राथमिक शाला भाठापारा दुधवारा के युकेश, शासकीय प्राथमिक शाला खिसोरा की लता साहू, शासकीय प्राथमिक शाला करेलीछोटी मगरलोड के हेमंत कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला थानापारा सिहावा-नगरी की पूनम सोनवानी (वर्तमान पदस्थापना कर्राघाटी) तथा शासकीय प्राथमिक शाला चटर्रीबाहरा नगरी के हरिशंकर साहू को बर्खास्त (Fake Certificate Teacher Dismissal) किया गया है।
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पहला चरण, आगे और कार्रवाई तय
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल पहला चरण है। धमतरी और मगरलोड ब्लाक में हुई शिक्षाकर्मी भर्तियों से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद और शिक्षकों पर भी कार्रवाई (Fake Certificate Teacher Dismissal) की जा सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी करने वालों की संख्या अभी और सामने आ सकती है।







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