UGC Update : स्कूली बच्चों के लिए शोधपरक व सस्ती पाठ्यपुस्तकें तैयार करने वाला राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT University) अब जल्द ही एक शोध विश्वविद्यालय के रूप में काम करता दिखेगा।
जहां छात्रों को रिसर्च आधारित कुछ नए डिग्री कोर्स पढ़ने को मिल सकते हैं। इनमें बीए व बीएससी विद रिसर्च जैसे कोर्स शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय की सहमति के बाद यूजीसी ने इसे लेकर अपनी सारी तैयारी (NCERT University) पूरी कर ली है। संकेत मिल रहे हैं कि इस महीने के अंत तक होने वाली बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी और नोटिफिकेशन भी जारी हो जाएगा।
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एनसीईआरटी (NCERT University) के शिक्षा व शोध क्षेत्र से जुड़े लंबे अनुभव को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 2023 में ही इसे विश्वविद्यालय के रूप में तब्दील करने का ऐलान किया था। तभी से इसके विश्वविद्यालय बनाने की पहल शुरू हुई थी।
सूत्रों के अनुसार इसके स्वरूप व कामकाज के दायरे को लेकर चले लंबे मंथन के बाद आखिरकार इसे पूर्व की जिम्मेदारियों (NCERT University) के साथ इसके अनुभव से नई पीढ़ी को जोड़ने की सहमति दी गई। इसमें वह शोध आधारित नए डिग्री व पीएचडी जैसे कोर्स शुरू कर सकता है।
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एनसीईआरटी (NCERT University) का गठन 1961 में किया गया था। तब से यह स्कूली पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने और प्रशिक्षण का काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस दर्जे के बाद एनसीईआरटी का पहले की तरह केंद्रीय संस्थान का स्वरूप बरकरार रहेगा। साथ ही उन्हें शिक्षा मंत्रालय से मिलने वाली वित्तीय मदद भी जारी रहेगी।
वहीं, विश्वविद्यालय का दर्जा मिलते ही इसकी स्वायत्तता (NCERT University) बढ़ जाएगी। शिक्षा मंत्रालय की इस पहल को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की उस पहल से भी जोड़ा जा रहा है, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों को स्वायत्तता देने की सिफारिश की गई है।
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एनसीईआरटी अभी शिक्षकों के प्रशिक्षण (NCERT University) से जुड़े कई डिप्लोमा कोर्सों को संचालित कर रहा है। इस बदलाव के बाद छात्रों और शोधकर्ताओं को नई दिशा में रिसर्च आधारित शिक्षा का लाभ मिलेगा।







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