ACB Trap Action : गृह निर्माण मंडल के उपायुक्त और वरिष्ठ सहायक रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए

By admin
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ACB Trap Action

Bribery Case Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल से जुड़े निर्माण कार्यों के भुगतान और समयावधि वृद्धि के बदले (ACB Trap Action) रिश्वत मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाई में गृह निर्माण मंडल अंबिकापुर वृत्त में पदस्थ उपायुक्त पूनम चंद अग्रवाल तथा वरिष्ठ सहायक ग्रेड-02 अनिल सिन्हा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एक ठेकेदार की शिकायत और उसके सत्यापन के बाद अंजाम दी गई।

ठेकेदार के शिकायत पर हुई कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता रवि कुमार ठेकेदारी का कार्य करता है। वर्ष 2023 में उसे गृह निर्माण मंडल संभाग अंबिकापुर (ACB Trap Action) से लगभग 65 लाख रुपये की लागत से नवीन तहसील भवन दौरा-कुचली, जिला बलरामपुर के निर्माण का कार्य आवंटित किया गया था। इसी वर्ष कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय लुंड्रा में लगभग 43.51 लाख रुपये की लागत से छह अतिरिक्त कक्ष निर्माण का कार्य भी उसे सौंपा गया। निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं हो पाने के कारण ठेकेदार द्वारा अंतिम समयावधि वृद्धि तथा भवन के भौतिक सत्यापन के लिए विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

(ACB Trap Action) एक लाख की मांगी रिश्वत

निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद नवीन तहसील भवन के लगभग 28 लाख रुपये तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लगभग 7.50 लाख रुपये के भुगतान की प्रक्रिया लंबित थी। आरोप है कि इन दोनों निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन और अंतिम समयावधि वृद्धि की अनुशंसा करने के बदले उपायुक्त पूनम चंद अग्रवाल द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई। शिकायत के सत्यापन के दौरान दोनों कार्यों के लिए 30-30 हजार रुपये, कुल 60 हजार रुपये रिश्वत लेने पर सहमति बनना पाया गया।

(ACB Trap Action) इस तरह पकड़े गए रिश्वतखोर

5 फरवरी 2026 को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB Trap Action) द्वारा नियोजित कार्रवाई की गई। उपायुक्त के निर्देश पर शिकायतकर्ता को वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा के पास भेजा गया, जहां उससे अधिक राशि की मांग की गई। बातचीत के बाद 65 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। वरिष्ठ सहायक ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि प्राप्त कर उसमें से 5 हजार रुपये अपने पास रखे और शेष 60 हजार रुपये उपायुक्त को उनके कार्यालय में जाकर सौंप दिए।

शिकायतकर्ता के संकेत पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB Trap Action) की टीम ने तत्काल दबिश दी। कार्रवाई के दौरान उपायुक्त पूनम चंद अग्रवाल से 60 हजार रुपये तथा वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा से 5 हजार रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं 12 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की जांच की जा रही है।

 

 

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