Chhattisgarh Vehicle Registration : छत्तीसगढ़ की सड़कों पर ओडिशा, झारखंड नंबर की गाड़ी दौड़ाने वाले सावधान, हो सकती है जब्ती

By admin
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Chhattisgarh Vehicle Registration

Vehicle Registration Rule : छत्तीसगढ़ की सड़कों (Chhattisgarh Vehicle Registration) पर बाहरी राज्यों के नंबर पर गाड़ी दौड़ाने वाले सावधान हो जाए। ऐसे गाड़ी मालिकों के लिए छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग ने सख्त अलर्ट जारी किया है। अगर कुछ नियमों का पालन नहीं किया गया तो न सिर्फ भारी जुर्माना की कार्रवाई होगी, बल्कि गाड़ी भी जब्ती हो सकती है।

दरअसल, कम आरटीओ (RTO) रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स (Road Tax) में बचत करने के लिए छत्तीसगढ़ के अधिकतर लोग दूसरे राज्य (जैसे- ओडिशा, झारखंड जैसे सीमावर्ती राज्यों) से गाड़ी खरीदते हैं। बता दें कि रोड टैक्स एक राज्य सरकार द्वारा लगाया गया शुल्क है, जिसका उपयोग सड़क मरम्मत और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जाता है। यह गाड़ी की रजिस्ट्रेशन के समय एक बार ही लिया जाता है और इसकी गणना कई कारकों पर आधारित होती है। हर राज्य की अपनी टैक्स नीतियां होती हैं और यह टैक्स RTO शुल्क के साथ जोड़कर वसूला जाता है।

टैक्स गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत का प्रतिशत होता है। महंगी गाड़ियों पर ज्यादा टैक्स। जैसे कर्नाटक में 5 लाख से कम की गाड़ियों पर 13% टैक्स है, जबकि 20 लाख से ऊपर वाली गाड़ियों पर 18%। कई राज्यों में डीजल गाड़ियों पर पेट्रोल से ज्यादा टैक्स लगता है। जैसे महाराष्ट्र में 20 लाख से ऊपर की पेट्रोल कार पर 13% टैक्स है, वहीं डीज़ल कार पर 15%।

इंजन कैपेसिटी (CC) 1500cc से ऊपर की गाड़ियों पर कई राज्य ज्यादा टैक्स लगाते हैं। जैसे तमिलनाडु और तेलंगाना में। राज्य की नीतिकुछ राज्य स्लैब आधारित मॉडल अपनाते हैं (जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक), जबकि कुछ फ्लैट रेट लगाते हैं (जैसे दिल्ली)। इसलिए एक ही गाड़ी की कीमत अलग-अलग राज्यों में काफी अलग हो सकती है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Vehicle Registration) की तुलना में पड़ोसी राज्य ओडिशा और झारखंड में गाड़ियों पर लगने वाले टैक्स कम है। इसलिए अधिकतर लोग पैसे बचाने के लिए ओडिशा व झारखंड से गाड़ी खरीदते हैं। इसमें कोई गलत बात नहीं है। ऐसा भी नहीं है कि इन गाड़ियों की छत्तीसगढ़ में चलाया नहीं जा सकता, पर इसके लिए भी सरकार ने कुछ नियम कायदे तय किए हैं, जिसका पालन नहीं करने पर अब वाहन स्वामियों को भुगतना होगा।

सरकार को हो रहा ये नुकसान (Chhattisgarh Vehicle Registration)

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग के मुताबिक, केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 47 (Vehicle Registration Rule) के तहत यदि कोई वाहन 12 माह से अधिक समय तक किसी राज्य में संचालित होता है, तो उस राज्य का पंजीयन लेना अनिवार्य है। इसके बिना वाहन स्वामी झारखंड और ओडिशा जैसे सीमावर्ती राज्यों के नंबर पर छत्तीसगढ़ में गाड़ियां चला रहे हैं। यह सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है और इससे शासन को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।

सूची तैयार की जा रही है (Chhattisgarh Vehicle Registration)

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई वाहन मालिकों का स्थायी पता छत्तीसगढ़ में ही है, जबकि उनकी गाड़ियां 12 महीने से अधिक समय से राज्य में संचालित हो रही हैं। बावजूद इसके उन्होंने स्थानीय पंजीयन नहीं कराया है। ऐसे मामलों को अब गंभीरता से लिया जा रहा है और सूची तैयार की जा रही है। विभाग ने सभी वाहन मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अपने वाहनों के लिए संबंधित राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करें और अपने अपने जिला परिवहन कार्यालय में जमा करें। इसके बाद ही वाहन का नया पंजीयन छत्तीसगढ़ में किया जाएगा।

जब्त हो सकती है गाड़ी या फिर जुर्माना

परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो मोटरयान अधिनियम 1988 (Vehicle Registration Rule) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। इस अभियान का मकसद नियमों का पालन सुनिश्चित करना और राज्य को हो रहे राजस्व नुकसान को रोकना है। विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे इस चेतावनी को गंभीरता से लें और समय रहते आवश्यक कार्रवाई पूरी करें, ताकि किसी बड़ी परेशानी से बचा जा सके।

 

 


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