Khallari Temple Ropeway Accident : खल्लारी मंदिर में हादसा, 200 फीट से टूटा रोपवे, 1 श्रद्धालु की मौत, 17 घायल

Ropeway Accident : महासमुंद के खल्लारी मंदिर में रोपवे हादसे (Ropeway Accident) ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। 200 फीट की ऊंचाई से ट्रॉली गिरने से एक श्रद्धालु की मौत और कई घायल हो गए, जबकि प्रशासन की लापरवाही और तकनीकी खामियों ने इस हादसे को और भयावह बना दिया।

By admin
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Khallari Temple Ropeway Accident

Mahasamund Ropeway Accident : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित (Khallari Temple Ropeway Accident)  खल्लारी माता मंदिर में रविवार को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। मंदिर में संचालित रोपवे अचानक टूट गया और करीब 200 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। इस भीषण रोपवे हादसे (Ropeway Accident) में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए हैं। आरंभिक जानकारी के अनुसार रायपुर राजा तालाब निवासी आयुषी साठकर पति ऋषभ धावड़े 28 वर्ष की मौत हो गई।

 

घटना के समय रोपवे ट्रॉली में 5 से 6 श्रद्धालु सवार थे, जो मंदिर दर्शन के लिए ऊपर जा रहे थे। अचानक केबल टूटने से ट्रॉली अनियंत्रित होकर तेजी से नीचे आ गिरी। इस भयावह रोपवे हादसे (Ropeway Accident) के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

महासमुंद में खल्लारी मंदिर में संचालित रोप-वे का केबल टूटा, 8 श्रद्धालु घायल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही केबल टूटा, ट्रॉली जोरदार झटके के साथ नीचे की ओर लुढ़की, जिससे उसमें बैठे श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। कई लोगों को सिर, हाथ और पैरों में गहरी चोटें आई हैं। इस हादसे (Ropeway Accident) ने मंदिर में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं को दहशत में डाल दिया।

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घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग, मंदिर प्रबंधन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की सच्चाई उजागर कर दी है।

रोपवे सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद Khallari Temple Ropeway Accident

प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद रोपवे सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। प्रारंभिक जांच में इस हादसे (Ropeway Accident) का कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या समय-समय पर मेंटेनेंस और सुरक्षा जांच की गई थी या नहीं। यदि नियमित निरीक्षण होता, तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।

मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया

इस बीच मुख्यमंत्री ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतक श्रद्धालु के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। साथ ही घायलों के समुचित इलाज के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि इस रोपवे हादसे (Ropeway Accident) की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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घटना को लेकर लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि मंदिर जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो यह हादसा नहीं होता। अब लोग जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी विफलता का उदाहरण बनकर सामने आया है। खल्लारी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही सीधे लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है। यह रोपवे हादसा (Ropeway Accident) प्रशासन और प्रबंधन दोनों के लिए एक बड़ा सबक है।

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घायलों के नाम

टिकरापारा, रायपुर निवासी

रतनलाल नागेश्वर – 65 वर्ष
हेमिन नागेश्वर – 62 वर्ष
हेमलाल नागेश्वर – 38 वर्ष
कुंती नागेश्वर – 35 वर्ष
पूर्वी नागेश्वर – 7 वर्ष
टिया – 3 वर्ष
अमलेश – 30 वर्ष

 

दलदलसिवनी, रायपुर निवासी

कुमेश साहू – 42 वर्ष
तोमेश्वरी साहू – 38 वर्ष
हर्ष साहू – 9 वर्ष

आदर्श नगर, महासमुंद निवासी

ऋषभ धावरे – 29 वर्ष
छायांश धावरे – 16 वर्ष
आयुषी शतकर – 28 वर्ष
मानसी गड़रिया – 13 वर्ष

स्वामी चौक, महासमुंद निवासी

नमिता स्वामी – 48 वर्ष
अंकुष्मिता स्वामी – 10 वर्ष
गोविंद स्वामी – 47 वर्ष


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