Balrampur News : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शासकीय दायित्वों में लापरवाही और अनुशासनहीनता (Balrampur Teacher Suspension) के मामलों में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। एक प्रधानपाठक सहित दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि एक प्रधानपाठक ड्यूटी के दौरान स्कूल छोड़कर गांव में शराब पीते घूमते पाए गए।
जानकारी के अनुसार वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गैना के प्रधानपाठक आर.एन. कोल उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने के बाद स्कूल से चले गए थे। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि बाद में वे गांव में शराब का सेवन करते हुए घूमते पाए गए। अधिकारियों ने इसे पदीय गरिमा के विपरीत आचरण माना। इसी आधार पर सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग ने प्रधानपाठक के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई (Balrampur Teacher Suspension) करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विद्यालय में पदस्थ अधिकारियों और शिक्षकों का व्यवहार विद्यार्थियों और समाज के लिए उदाहरण होता है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपने शासकीय दायित्वों का पालन नहीं करता या अनुशासनहीन आचरण करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई (Balrampur Teacher Suspension) शासकीय सेवा में अनुशासन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए Balrampur Teacher Suspension
इसी प्रकार जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गैना में पदस्थ सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) खितेश कुमार पटेल 25 और 26 फरवरी को बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि शिक्षक ने विभाग को किसी प्रकार की सूचना दिए बिना स्कूल से अनुपस्थित रहकर शासकीय दायित्वों की अनदेखी की। इसके बाद बिना सूचना अनुपस्थित रहने के मामले में की गई कार्रवाई (Balrampur Teacher Suspension) के तहत उन्हें भी निलंबित कर दिया गया।
वहीं शासकीय प्राथमिक शाला गैना की प्रधानपाठक अनिता पटेल भी बिना अनुमति विद्यालय से अनुपस्थित पाई गईं। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भी निलंबित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार प्रधानपाठक के खिलाफ की गई यह विभागीय कार्रवाई (Balrampur Teacher Suspension) शासकीय नियमों के तहत की गई है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और जिम्मेदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि शिक्षक ही अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतते हैं तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। इसलिए विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई (Balrampur Teacher Suspension) आवश्यक मानी जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी शासकीय विद्यालयों में निरीक्षण की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। जहां भी लापरवाही या अनुशासनहीनता सामने आएगी, वहां इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। इससे शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो सकेंगी।

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