Korea Collector Inspection : भरी दोपहरी स्कूलों में पहुंचीं कलेक्टर, लापरवाही पर दो शिक्षकों को फटकार

कोरिया जिले के दूरस्थ गांवों में कलेक्टर ने अचानक पहुंचकर स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। बच्चों से संवाद, ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाई और व्यवस्थाओं की जांच के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर दिया गया, वहीं लापरवाही मिलने पर दो शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

By admin
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Korea Collector Inspection
Highlights
  • कलेक्टर का गांवों में औचक दौरा, स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण
  • बच्चों से कविता और पहाड़ा सुना, ब्लैकबोर्ड पर खुद पढ़ाकर बढ़ाया उत्साह
  • लापरवाही मिलने पर दो शिक्षकों को फटकार, वेतन रोकने के निर्देश

Korea School Inspection News :  कोरिया जिले के अंतिम छोर तक सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से (Korea Collector Inspection) कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी सोनहत विकासखंड के विभिन्न गांवों के दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने ग्राम मेन्ड्राकला, धनपुर और गोयनी के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर का यह दौरा प्रशासनिक सक्रियता का संदेश देने वाला रहा, जिसमें शिक्षा और पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को परखा गया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर (Korea Collector Inspection) ने स्कूलों में उपस्थिति पंजी की बारीकी से जांच की और विद्यार्थियों से पढ़ाई-लिखाई को लेकर सीधे सवाल-जवाब किए। उन्होंने बच्चों से पाठ्यपुस्तकों के विषयों, सामान्य ज्ञान और रोजमर्रा की पढ़ाई से जुड़े प्रश्न पूछे। बच्चों ने भी उत्साह के साथ जवाब दिए, जिससे विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल देखने को मिला।

प्राथमिक शाला गोयनी (Korea Collector Inspection) में पढ़ने वाले छात्रों रुचि, करिश्मा, प्रीति, यशमति, तारामती, प्रभाकर, प्रिंस, अमित और विजयराज ने कलेक्टर को कविताएं सुनाईं। बच्चों की आत्मविश्वास भरी प्रस्तुति देखकर कलेक्टर ने उनकी सराहना की और उन्हें निरंतर पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्कूल आने और शिक्षकों से सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित किया।

खुद बन गईं शिक्षक Korea Collector Inspection

निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला जब कलेक्टर (Korea Collector Inspection) स्वयं ब्लैकबोर्ड के पास पहुंच गईं। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद करते हुए ब्लैकबोर्ड पर जोड़ और गुणा के सवाल लिखे और बच्चों को उन्हें हल करने के लिए कहा। कुछ समय के लिए वह स्वयं शिक्षिका की भूमिका में नजर आईं। बच्चों ने भी उत्साह के साथ गणित के सवाल हल किए। इस दौरान आनंदपुर मिडिल स्कूल के एक छात्र ने आत्मविश्वास के साथ 29 का पहाड़ा सुनाकर सभी को प्रभावित किया।

बच्चों से सवाल भी पूछे Korea Collector Inspection

कलेक्टर ने बच्चों से सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल भी पूछे। विद्यार्थियों ने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम सही-सही बताकर अपनी जानकारी का परिचय दिया। कलेक्टर ने इस पर खुशी जताई और कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ सामान्य ज्ञान भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान शिक्षकीय कार्य में लापरवाही भी सामने आई। ग्राम मेन्ड्राकला में प्रधान पाठक रमेश गुप्ता और शिक्षक विवेक साहू की कार्यप्रणाली में कमी पाए जाने पर कलेक्टर ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि दोनों शिक्षकों का वेतन रोका जाए और विद्यालयों में शिक्षण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

स्कूल-आंगनवाड़ी का किया औचक निरीक्षण’
पोषण आहार की गुणवत्ता परखा

इसके बाद कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया और वहां बच्चों के पोषण तथा भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से पूछा कि बच्चों को किस प्रकार का भोजन दिया जा रहा है और पोषण आहार की गुणवत्ता कैसी है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि बच्चों को भरपेट भोजन के साथ हरी सब्जियां, दाल और रोटी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।

निरीक्षण के दौरान ‘कोरिया मोदक’ लड्डू वितरण योजना की भी जानकारी ली गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को यह विशेष पोषण लड्डू नियमित रूप से दिए जा रहे हैं, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना की और कहा कि पोषण कार्यक्रमों का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए।

कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्कूल में बने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने स्वयं भोजन चखकर देखा और भोजन की गुणवत्ता पर संतोष जताया। रसोइया द्वारा तैयार किए गए भोजन की सराहना करते हुए कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए मध्यान्ह भोजन योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, इसलिए इसमें गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और पोषण से जुड़ी योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं और इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। गांवों में इस प्रकार के औचक निरीक्षण से व्यवस्थाओं में सुधार आता है और बच्चों को बेहतर शिक्षा व पोषण सुविधा मिलती है।

 

 


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