Chhattisgarh News : राज्य शासन की कार्यप्रणाली (Mission Karmayogi) को अधिक सक्षम, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी अमले की क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को धार देने के लिए रणनीतिक तैयारी शुरू हो गई है।
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के उद्देश्य से आगामी 17 मार्च को मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में ‘छत्तीसगढ़ राज्य क्षमता निर्माण क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति’ की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। मंत्रालय महानदी भवन में अपराह्न चार बजे आयोजित होने वाली यह उच्च स्तरीय बैठक हाइब्रिड मोड (Hybrid Mode) में संचालित की जाएगी, जिसमें अधिकारी भौतिक रूप से और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे।
बैठक (Mission Karmayogi) के एजेंडे में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग (iGOT Platform) के उपयोग की वर्तमान स्थिति और प्रगति की समीक्षा करना है। मुख्य सचिव विकासशील ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब प्रशिक्षण व्यवस्था केवल पुराने और पारंपरिक ढर्रे तक सीमित नहीं रहेगी।
शासन का विजन इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करना है। इसके साथ ही, सरकारी कामकाज को ‘परफॉरमेंस-लिंक्ड गवर्नेंस’ से जोड़ा जाएगा, ताकि कर्मचारियों की कार्यक्षमता का सीधा लाभ आम जनता को मिल सके।
संस्थागत सुधार और डेटा आधारित निर्णय
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सचिव अविनाश चंपावत ने जानकारी दी कि राज्य में क्षमता निर्माण को एक मजबूत संस्थागत स्वरूप देने के लिए मौजूदा प्रशिक्षण संस्थान (Training Institutes) की भूमिका को सुदृढ़ किया जा रहा है।
इस बैठक (Mission Karmayogi) के दौरान प्राप्त होने वाले महत्वपूर्ण सुझावों को संकलित किया जाएगा, जिन्हें आगामी राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन के लिए छत्तीसगढ़ की आधिकारिक अनुशंसाओं के रूप में भेजा जाएगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य एक ऐसी डेटा आधारित निर्णय (Data Driven Decision) प्रणाली विकसित करना है, जिससे लोक सेवा वितरण (Public Service Delivery) की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।
Mission Karmayogi सतत सीखने की संस्कृति का विकास
मुख्य सचिव के अनुसार, प्रशासन की धार तेज करने के लिए सरकारी अधिकारियों को ‘सतत सीखने’ (Mission Karmayogi) के अवसर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसी सोच के साथ सभी विभागों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी वार्षिक क्षमता निर्माण योजना (Capacity Building Plan) को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत करें। 17 मार्च की इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सचिव और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे, जो प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक और तकनीक-मित्र बनाने की भविष्य की रूपरेखा तय करेंगे।

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