केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना 2.0 के तहत राज्य में 28 हजार 461 नए पक्के घरों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
हाल ही में 23 फरवरी को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (Central Sanction & Monitoring Committee) की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य की कुल 263 परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई, जो पीएम आवास योजना 2.0 के तहत लागू की जाएंगी।
‘सभी के लिए आवास’ मिशन को मिलेगी गति
केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य से पूरे देश में पीएम आवास योजना 2.0 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में स्वीकृत परियोजनाओं में 211 लाभार्थी आधारित निर्माण परियोजनाएं (Beneficiary-led Construction) और 52 किफायती आवास साझेदारी परियोजनाएं (Affordable Housing Projects) शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में कुल 28,461 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल शहरी गरीबों को स्थायी आवास मिलेगा बल्कि शहरों में व्यवस्थित और योजनाबद्ध आवासीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि पीएम आवास योजना 2.0 के जरिए राज्य में आवासीय ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा।
लाभार्थी आधारित निर्माण के तहत 13 हजार से अधिक घर
लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के तहत 13 हजार 058 आवासों को स्वीकृति दी गई है। इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राही अपनी स्वयं की भूमि पर पक्का घर बना सकेंगे।
इस श्रेणी में प्रथम बैच के तहत 52 परियोजनाओं के माध्यम से 3,844 आवासों को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 57 करोड़ 66 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। वहीं दूसरे बैच में 159 परियोजनाओं के अंतर्गत 9,214 आवासों के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिसके लिए 138 करोड़ 21 लाख रुपए की सहायता तय की गई है।
इन आवासों की प्रति इकाई परियोजना लागत लगभग 3 लाख 89 हजार रुपए निर्धारित की गई है। राज्य सरकार का कहना है कि पीएम आवास योजना 2.0 के तहत इस तरह के मॉडल से गरीब परिवारों को अपने सपनों का घर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
किफायती आवास साझेदारी में 15 हजार से ज्यादा घर
योजना के किफायती आवास साझेदारी (AHP) घटक के तहत 15 हजार 363 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इस घटक के तहत शासकीय भूमि पर सार्वजनिक एजेंसियों के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर तैयार किए जाएंगे।
इन आवासीय परिसरों में स्लम पुनर्विकास, मूलभूत सुविधाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए किफायती घर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम बैच में 24 परियोजनाओं के माध्यम से 6,996 आवासों को मंजूरी मिली है, जबकि दूसरे बैच में 28 परियोजनाओं के जरिए 8,367 आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
इन परियोजनाओं में प्रति इकाई आवास की लागत लगभग 5 लाख 75 हजार रुपए तय की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि पीएम आवास योजना 2.0 के तहत स्वीकृत सभी परियोजनाओं को 36 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाए।
पीएम आवास योजना 2.0 छत्तीसगढ़ ने लक्ष्य से ज्यादा भेजे प्रस्ताव
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक 50 हजार आवासों के प्रस्ताव भेजने का लक्ष्य दिया था। राज्य सरकार ने इस लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 52 हजार 588 आवासों के प्रस्ताव केंद्र को भेजे।
केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में राज्य की इस सक्रियता और तत्परता की सराहना भी की गई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन, भू-अभिलेख, लाभार्थी सूची और यूनिफाइड वेब पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की हैं।
साथ ही योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यूनिफाइड वेब पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इससे पीएम आवास योजना 2.0 के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित होंगी।
रतनपुर में बनेगा नवाचारी डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट
केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में बिलासपुर जिले के रतनपुर के लिए एक अभिनव डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिली है। यह परियोजना भारत सरकार की नवाचार आधारित पहल का हिस्सा है।
इस परियोजना के तहत आधुनिक और उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हुए 40 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इन घरों का निर्माण भवन निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद (BMTPC) द्वारा किया जाएगा।
राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) इन आवासों को पात्र लोगों को किराये पर उपलब्ध कराएगा। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण रतनपुर में बनने वाला यह प्रोजेक्ट सामाजिक उपयोग के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के विशेष प्रयासों से यह परियोजना राज्य को मिली है।

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