Kanpur Medentric : नवजात शिशुओं (Neo Health Band Trial) में मौत का बड़ा कारण है समय पर बीमारी का पता न चल पाना, लेकिन अब यह चुनौती टेक्नोलॉजी हल करेगी। IIT कानपुर की स्टार्टअप कंपनी Medentric ने एक स्पेशल Neo Health Band तैयार किया है, जो जन्म के पहले दो महीने तक के नवजातों में पीलिया, बुखार, तेज़ सांस, और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षणों का अलर्ट पहले ही मोबाइल एप पर भेज देगा।
यह सेंसरयुक्त हेल्थ बैंड नवजात (Neo Health Band Trial) के हाथ या सीने पर लगाया जाएगा और AI (Artificial Intelligence) की मदद से शरीर में हो रहे बदलावों को लगातार ट्रैक करेगा। इसके अलर्ट से डॉक्टरों और परिजनों को समय रहते इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी। इससे खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) कम करने में मदद मिलेगी।
अगले माह से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एलएलआर अस्पताल में दो माह तक के भर्ती नवजातों पर इसका ट्रायल शुरू होगा। इसके बाद कानपुर देहात के गजनेर ब्लॉक के लगभग 7500 नवजातों को यह बैंड पहनाया जाएगा। LLR अस्पताल में पिछले कुछ वर्षों में सबसे ज़्यादा बीमार नवजात गजनेर क्षेत्र से ही आए हैं।
इलाज न मिलना बड़ा कारण Neo Health Band Trial
मां की अज्ञानता, संक्रमण की जानकारी का अभाव और समय पर इलाज न मिलना इसके पीछे कारण हैं। इस हेल्थ बैंड में सेंसर और ब्लूटूथ आधारित ट्रैकिंग होगी। नवजात के शरीर में हो रहे बदलाव मोबाइल एप पर परिजनों को दिखाई देंगे। विशेष रूप से अकाल प्रसव से जन्मे और गंभीर स्थिति वाली माताओं के नवजात के लिए यह बैंड प्राथमिकता में उपयोग होगा।
Medentric के प्रियरंजन तिवारी ने बताया कि यह बैंड (Neo Health Band Trial) एक निश्चित अवधि तक एक नवजात के पास रहेगा, फिर समय पूरा होने पर उसे दूसरे शिशु को पहनाकर निगरानी की जाएगी। एआई आधारित अलर्ट से संभावित सेप्सिस, निमोनिया या तेज़ बुखार की पहचान की जा सकेगी।







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