छत्तीसगढ़

Balodabazar Hostel Superintendent Suspension : लापरवाही पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, छात्रावास अधीक्षक निलंबित

छात्रावास में बिना पंजीयन छात्र को रखने और एक पंजीकृत छात्र के पालक की सहमति के बिना छात्रावास से चले जाने के मामले में जिला प्रशासन बलौदाबाजार ने कार्रवाई की है। छात्रावास अधीक्षक निलंबन (Balodabazar Hostel Superintendent Suspension) के तहत शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास अर्जुनी के प्रभारी अधीक्षक लवकेश निराला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी संस्थित की गई है।

मामला छात्र देवव्रत ध्रुव से जुड़ा है। ग्राम लिमाही निवासी कुलेश्वर प्रसाद ध्रुव ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के समक्ष शिकायत की थी कि छात्रावास में रहने वाला 15 वर्षीय देवव्रत ध्रुव 29 जुलाई 2026 को अवकाश का आवेदन देकर छात्रावास से गया था, लेकिन इसके बाद वह न घर लौटा और न ही छात्रावास वापस आया।

 

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जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आई लापरवाही

शिकायत मिलने के बाद सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की। जांच समिति के प्रतिवेदन में छात्र देवव्रत ध्रुव के छात्रावास से जाने संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि छात्रावास अधीक्षक और उनके स्टाफ ने छात्र को उसकी माता से फोन पर बात कराई थी।

रिपोर्ट के अनुसार छात्र की माता ने छात्र को छात्रावास छोड़ने की अनुमति नहीं देने की बात कही। इसके बाद सहायक आयुक्त ने प्रभारी अधीक्षक लवकेश निराला को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अर्जुनी छात्रावास मामले (Balodabazar Hostel Superintendent Suspension) में अधीक्षक से छात्र के छात्रावास में रहने और उसके जाने से संबंधित स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था।

बिना पंजीयन छात्र को रखने की बात स्वीकार

कारण बताओ नोटिस के जवाब में अधीक्षक लवकेश निराला ने बताया कि देवव्रत ध्रुव छात्रावास का पंजीकृत छात्र नहीं था। उन्होंने उसकी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए मानवीय आधार पर उसे बिना पंजीयन छात्रावास में रखने की बात कही। जवाब में यह भी बताया गया कि छात्र ने छात्रावास में आवेदन प्रस्तुत कर वहां से जाने की अनुमति ली थी और जाने से पहले अपनी माता से फोन पर बात की थी।

प्रशासन ने अधीक्षक का यह जवाब असंतोषजनक माना। जांच के आधार पर छात्रावास में बिना पंजीयन छात्र को रखने (Balodabazar Hostel Superintendent Suspension) और उसकी अभिरक्षा से पालक की सहमति के बिना छात्र के चले जाने की घटना को कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना गया।

 

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Balodabazar Hostel Superintendent Suspension निलंबन और विभागीय जांच

जिला प्रशासन के अनुसार अधीक्षक का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम, 1966 के नियम-3 के तहत लवकेश निराला का निलंबन (Balodabazar Hostel Superintendent Suspension) किया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच संस्थित की गई है।

निलंबन अवधि में लवकेश निराला का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कसडोल निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

 

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Balodabazar Hostel Superintendent Suspension छात्र की सुरक्षा को लेकर सख्ती

प्रशासन की कार्रवाई में छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के पंजीयन, उनकी आवाजाही और अभिरक्षा से जुड़े रिकॉर्ड के संधारण को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। जांच समिति की रिपोर्ट और अधीक्षक के जवाब के आधार पर कार्रवाई की गई है। छात्रावास प्रशासन की लापरवाही (Balodabazar Hostel Superintendent Suspension) को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच के जरिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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