Surajpur Patwari Bribery Case : 25 हजार की रिश्वत लेते दुरती का पटवारी गिरफ्तार

सूरजपुर जिले में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार! एसीबी ने दुरती के पटवारी सौरभ गोस्वामी को 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। (Surajpur Patwari Bribery Case) के तहत एसईसीएल जमीन नामांतरण के नाम पर वसूले जा रहे थे पैसे। आरोपित की कार जब्त और आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू। भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में एक और बड़ा कदम।

By admin
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Surajpur Patwari Bribery Case

Surajpur Patwari Arrested : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भ्रष्टाचार (Surajpur Patwari Bribery Case) के विरुद्ध एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने दुरती हलका में पदस्थ पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपित पटवारी सौरभ गोस्वामी को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में अधिग्रहित जमीन के नामांतरण और नौकरी के प्रतिवेदन के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। राजस्व विभाग के भीतर सामने आया यह पटवारी कांड पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कार से बरामद हुई रिश्वत की रकम

जानकारी के मुताबिक, ग्राम मरहटा निवासी रूप सिंह ने एसीबी कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि ग्राम सेंधोपारा स्थित उनकी और उनकी बहन के नाम की भूमि का अधिग्रहण एसईसीएल की महामाया कोयला खदान जरही द्वारा किया गया है। इस जमीन के नामांतरण (Surajpur Patwari Bribery Case) और नौकरी के लिए आवश्यक प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में पटवारी सौरभ गोस्वामी द्वारा 25 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।

शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। 22 अप्रैल को जैसे ही प्रार्थी ने पटवारी कार्यालय पहुंचकर रिश्वत की राशि सौंपी, पटवारी ने उस रकम को अपनी क्रेटा कार में छिपा दिया। इसी दौरान पहले से तैनात एसीबी टीम (Surajpur Patwari Bribery Case) ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

कड़ी कानूनी कार्रवाई और संपत्ति की जांच Surajpur Patwari Bribery Case

एसीबी ने आरोपित के कब्जे से रिश्वत की नकदी के साथ-साथ घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया है। विभाग का कहना है कि पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सूरजपुर में हुए इस भ्रष्टाचार (Surajpur Patwari Bribery Case) को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन अब आरोपित पटवारी की चल-अचल संपत्तियों की भी गहनता से जांच कर रहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों के लिए रिश्वत मांगने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित रूप सिंह की सजगता के कारण ही इस रिश्वतखोरी (Surajpur Patwari Bribery Case) का पर्दाफाश हो सका है। आरोपित को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उसके कार्यकाल के दौरान किए गए अन्य नामांतरण कार्यों की भी समीक्षा की जा सकती है।

 

 

 

 

 

 


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