Raigarh News : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार के मिलूपारा क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल (Raigarh Blind Murder) का पुलिस ने वैज्ञानिक और सूक्ष्म विवेचना के जरिए सफलतापूर्वक खुलासा किया है। थाना तमनार पुलिस ने मृतक के परिवार, दोस्तों और उनके सहयोगियों से पूछताछ कर हर पहलू पर जांच की। लगातार क्षेत्र के लोगों से पूछताछ के बावजूद प्रारंभिक रूप से कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला। मृतक के साथी अजहर अली ने बार-बार बयान बदलकर नई बातें बताई, जिससे पुलिस की जांच कठिनाइयों का सामना कर रही थी।
वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य (Raigarh Blind Murder) ने केस को सुलझाने में मदद की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के मुंह में प्लास्टिक का टुकड़ा पाया गया, जो हत्या के समय इस्तेमाल हुए टार्च का हिस्सा था। पुलिस ने इस ओर विशेष ध्यान केंद्रित किया और आरोपी अजहर अली को वैज्ञानिक तरीकों से पूछताछ के बाद दोषी पाया।
अजहर अली ने अपने विस्तृत मेमोरंडम कथन में स्वीकार किया कि घटना के दिन मृतक लखन उर्फ धरभईयां चौधरी से खाना बनाने को लेकर झगड़ा हुआ। विवाद के दौरान उसने लखन चौधरी के साथ मारपीट कर उन्हें जमीन पर गिराया और टार्च से लगातार चेहरे पर चोट पहुंचाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने खून लगे टार्च को धोकर सुरक्षित किया और घटना के समय पहने कपड़ों को जला दिया। साथ ही उसने टावर के पास लगी रस्सी काटकर दूसरों को घटना से अलग रखने की कोशिश की और झूठी कहानी बताई।
जांच टीम को एसएसपी करेंगे पुरस्कृत
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका (Raigarh Blind Murder) इस केस में अहम रही। थाना प्रभारी प्रशांत राव आहेर, सहायक उपनिरीक्षक सुरीतलाल सिदार, प्रधान आरक्षक दिलदार कुरैशी और अन्य स्टाफ की सूझबूझ और समन्वित कार्यवाही से आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर प्रोफेशनल इन्वेस्टिगेशन से गंभीर मामले का खुलासा किया है। पूरी टीम को उचित ईनाम दिया जाएगा।
Raigarh Blind Murder हत्यारे को पुलिस ने भेजा जेल
अजहर अली, उम्र 63 वर्ष, निवासी ग्राम चउद्वार, थाना पुखुरिया, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल, को तमनार थाना क्षेत्र में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। उसके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल टार्च और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए। इस प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया कि वैज्ञानिक और प्रोफेशनल जांच (Raigarh Blind Murder) ही ऐसे गंभीर अपराधों का सही समाधान कर सकती है। मृतक के मुंह में फंसा प्लास्टिक का टुकड़ा हत्या के रहस्य को उजागर करने में निर्णायक साबित हुआ।
पुलिस ने सभी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर केस दर्ज कर आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल में भेजा। इस कार्रवाई से रायगढ़ पुलिस की दक्षता और अपराध रोकने की क्षमता (Raigarh Blind Murder) सामने आई है।

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