North Korea Missile Test : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच नॉर्थ कोरिया (North Korea Launched Missile) की सैन्य गतिविधियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींच लिया है। शनिवार को नॉर्थ कोरिया ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
दक्षिण कोरिया की सेना और जापान सरकार के अनुसार नॉर्थ कोरिया ने कुल 10 बैलिस्टिक मिसाइलें (North Korea Launched Missile) समुद्र की ओर छोड़ी हैं। इसे वर्ष 2026 में नॉर्थ कोरिया द्वारा किया गया तीसरा मिसाइल परीक्षण माना जा रहा है। इससे पहले 27 जनवरी को भी नॉर्थ कोरिया ने पूर्वी सागर की दिशा में कम दूरी की कई मिसाइलों का परीक्षण किया था।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने जानकारी दी कि दोपहर करीब 1:20 बजे राजधानी प्योंगयांग के पास स्थित सुनान क्षेत्र से मिसाइल लॉन्च (North Korea Launched Missile) होने के संकेत मिले थे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत स्थिति की निगरानी शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि मिसाइलों की उड़ान और गिरने के स्थान से संबंधित सभी तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है।
दक्षिण कोरिया हाई अलर्ट पर North Korea Launched Missile
मिसाइल परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया की सेना पूरी तरह सतर्क हो गई है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि सेना किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है। इसके साथ ही अमेरिका और जापान के साथ खुफिया और तकनीकी जानकारी साझा की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि नॉर्थ कोरिया आगे और मिसाइल परीक्षण कर सकता है या नहीं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जापान ने भी जताई चिंता North Korea Launched Missile
जापान सरकार ने भी इस मिसाइल परीक्षण को गंभीरता से लिया है। जापान के कोस्ट गार्ड ने पुष्टि की है कि नॉर्थ कोरिया द्वारा छोड़ी गई संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र में गिर चुकी हैं। हालांकि एहतियात के तौर पर जापान की सुरक्षा एजेंसियां समुद्री क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय किया गया है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से “फ्रीडम शील्ड” नाम का वार्षिक सैन्य अभ्यास कर रहे हैं।
सैन्य अभ्यास का विरोध करता है नॉर्थ कोरिया
दरअसल नॉर्थ कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। प्योंगयांग इन अभ्यासों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा और युद्ध की तैयारी मानता है।
विश्लेषकों का मानना है कि हालिया मिसाइल परीक्षण अमेरिका और दक्षिण कोरिया के इस सैन्य अभ्यास के जवाब में शक्ति प्रदर्शन का प्रयास भी हो सकता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं।

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