खेतों में नैनो डीएपी छिड़काव का लाइव प्रदर्शन, किसानों को सिखाया गया उपयोग तरीका

रायगढ़ के बनसिया गांव में कृषि विभाग द्वारा किसानों को नैनो डीएपी (तरल) के छिड़काव और बीजोपचार विधियों की जानकारी दी गई। खेत में लाइव प्रदर्शन कर बताया गया कि किस तरह परंपरागत डीएपी की जगह इसका उपयोग किया जा सकता है।

By admin
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खेतों में नैनो डीएपी की जानकारी देते हुए अधिकारी और फसल पर छिड़कांव करते हुए किसान।

Nano DAP Spray : किसानों को नैनो डीएपी छिड़काव (Nano DAP Spray) के आधुनिक उपयोग से अवगत कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा खेतों में प्रदर्शन पद्धति के तहत छिड़काव किया जा रहा है। इसी क्रम में रायगढ़ विकासखंड के ग्राम बनसिया में किसान कुंजबिहारी चौधरी के धान के खेत में नैनो डीएपी का प्रदर्शन किया गया और किसानों को इसकी विधियां समझाई गईं। इस दौरान किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी भी दी गई।

इसी दौरान उप संचालक कृषि अनिल वर्मा, वरिष्ठ कृषि विज्ञान अधिकारी अभिषेक पटेल, ग्रामीण कृषि विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार साव और दयाशंकर नायक उपस्थित रहे। साथ ही इक्को कंपनी से भूपेन्द्र पाटीदार, ड्रोन पायलट आकाश गुप्ता, किसान जयनाथ पटेल सहित आसपास के अनेक कृषक भी मौजूद थे।

यहां किसानों को नैनो डीएपी (तरल) के व्यवहारिक उपयोग, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और अन्य विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा, किसानों की समस्याओं को सुनकर तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को उप संचालक कृषि द्वारा निर्देशित किया गया।

नैनो डीएपी का इस्तेमाल कैसे करें

अधिकारियों ने जानकारी दी कि तरल नैनो डीएपी में 8% नाइट्रोजन और 16% फास्फोरस होता है। इसके इस्तेमाल से परंपरागत डीएपी की खपत में 50 मि.ली. तक की कमी लाई जा सकती है। बीजोपचार हेतु 5 मि.ली. प्रति किलो बीज को 20-30 मिनट तक, जड़/कंद उपचार हेतु 50 मि.ली. को 10 लीटर पानी में घोलकर 15-20 मिनट तक डुबाया जाता है। फसल की कांतिक अवस्था में पत्तियों पर 4 मि.ली. प्रति लीटर पानी के घोल से छिड़काव किया जा सकता है।

 

 

 

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