Mendri Ghumar Resort Project : मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप सजेगा भव्य रिसोर्ट

बस्तर अंचल की प्राकृतिक खूबसूरती को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप प्रस्तावित भव्य रिसोर्ट परियोजना से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी।

By admin
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Mendri Ghumar Resort Project
Highlights
  • मेंद्री घूमर जलप्रपात के पास 20.28 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित रिसोर्ट
  • छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पहल, लोहंडीगुड़ा प्रशासन ने तेज की प्रक्रिया
  • 07 फरवरी 2026 को आपत्तियों की सुनवाई, आपत्ति नहीं होने पर निर्माण को हरी झंडी

बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता, घने वन और जलप्रपातों (Mendri Ghumar Resort Project)  को करीब से देखने आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी सौगात सामने आ रही है। चित्रकोट जलप्रपात के समानांतर अपनी मनोहारी छटा के लिए प्रसिद्ध मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप शीघ्र ही एक भव्य रिसोर्ट आकार लेने जा रहा है। यह महत्वाकांक्षी पहल (Mendri Ghumar Resort Project) के रूप में बस्तर पर्यटन को नई पहचान दिलाने वाली मानी जा रही है।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पहल पर लोहंडीगुड़ा प्रशासन ने इस परियोजना को गति देने की दिशा में आवश्यक प्रक्रियाएं तेज कर दी हैं। इसके तहत ग्राम मेंद्री में स्थित जेल विभाग की शासकीय भूमि को पर्यटन विभाग के नाम हस्तांतरित करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम (Mendri Ghumar Resort Project) को धरातल पर उतारने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

तहसीलदार न्यायालय, लोहंडीगुड़ा द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने मेंद्री घूमर जलप्रपात के पास पर्यटकों की सुविधा एवं रिसोर्ट निर्माण हेतु भूमि आवंटन का आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए शासकीय भूमि को पर्यटन विभाग को सौंपने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत ग्राम मेंद्री में खसरा नंबर 50, 77, 179 और 184 के अंतर्गत कुल 20.28 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन आधारभूत ढांचे का व्यापक विस्तार संभव होगा। यह संपूर्ण प्रक्रिया (Mendri Ghumar Resort Project) का अहम हिस्सा है।

भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और विधिसम्मत बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आम जनता के लिए विधिवत इश्तहार जारी किया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग को इस भूमि के पर्यटन विभाग को सौंपे जाने पर कोई आपत्ति या दावा हो, तो वे सूचना प्रकाशन की तिथि से 15 दिवस के भीतर तहसीलदार न्यायालय, लोहंडीगुड़ा में स्वयं अथवा अधिवक्ता के माध्यम से लिखित आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इस प्रकरण की सुनवाई हेतु 07 फरवरी 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।

बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा Mendri Ghumar Resort Project

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। यदि कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो यह माना जाएगा कि भूमि हस्तांतरण पर सभी की सहमति है, जिसके बाद (Mendri Ghumar Resort Project) के तहत रिसोर्ट निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इस परियोजना से बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।

 

 

 

 

 

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