छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत आधार देने वाली महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) को लेकर साय सरकार ने अपने बजट में बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। विधानसभा में पेश किए गए बजट में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे यह तय हो गया है कि राज्य की लाखों महिलाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता आगामी वित्तीय वर्ष में भी निर्बाध रूप से जारी रहेगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट भाषण के दौरान कहा कि महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) केवल सहायता राशि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और परिवार की आर्थिक संरचना को मजबूत करना भी है। यह बजट विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल का तीसरा और नई विधानसभा का पहला पूर्ण बजट माना जा रहा है।
राज्य सरकार के अनुसार पिछले वर्ष का कुल बजट आकार 1.65 लाख करोड़ रुपये था, जबकि इस बार सामाजिक योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। खासकर महिलाओं, ग्रामीण परिवारों और कमजोर वर्गों के लिए योजनाओं का विस्तार किया गया है। सरकार का दावा है कि महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।
Mahtari Vandan Yojana दो साल पूरे, तीसरे वर्ष में भी निरंतरता
राज्य में महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) के सफल संचालन के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। अब तीसरे वर्ष के लिए बजट में पर्याप्त राशि सुनिश्चित कर दी गई है, जिससे योजना की निरंतरता बनी रहेगी। सरकार इसे दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
30 जनवरी को योजना की 24वीं किस्त जारी की गई थी। इस दौरान 68 लाख 39 हजार से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 641 करोड़ 34 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। यह पूरी प्रक्रिया डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। अधिकारियों का कहना है कि महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) के जरिए भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।
Mahtari Vandan Yojana महिलाओं की आर्थिक मजबूती पर फोकस
सरकार का मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी बढ़ी है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटे घरेलू व्यवसाय शुरू करने में कर रही हैं। इसी कारण महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) को सामाजिक परिवर्तन की योजना के रूप में भी देखा जा रहा है।
योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह योजना 1 मार्च 2024 से लागू की गई थी और शुरू से ही बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें पंजीयन कराया। सरकार का दावा है कि महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) राज्य में महिला सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाली प्रमुख पहल बन चुकी है।
Mahtari Vandan Yojana DBT मॉडल बना भरोसे का आधार
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के कारण सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और भुगतान में देरी की समस्या कम हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) भविष्य में महिला केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है।
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों के अनुसार बजट में इतना बड़ा प्रावधान यह संकेत देता है कि राज्य सरकार महिला मतदाताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को दीर्घकालिक नीति के रूप में आगे बढ़ाना चाहती है। आने वाले समय में योजना के दायरे और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

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