Gas Crisis India : मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष (Iran-Israel War) के चलते एशियाई देशों में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। भारत में भी एलपीजी की कमी महसूस की जा रही थी, लेकिन अब हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। रविवार (22 मार्च) को “पाइक्सिस पायनियर” नामक जहाज एलपीजी लेकर भारत पहुंच चुका है।
हजारों टन एलपीजी के साथ पहुंचा जहाज Iran-Israel War
रिपोर्ट के मुताबिक, न्यू मंगलुरु पोर्ट पर आने वाले दिनों (Iran-Israel War) में और भी गैस की खेप पहुंचने वाली है। कुल मिलाकर करीब 72,700 टन एलपीजी आने की संभावना जताई गई है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। सबसे पहले पहुंचे जहाज में 16,714 टन गैस लाई गई है। यह जहाज 14 फरवरी को नीदरलैंड से रवाना हुआ था और अब यहां गैस उतारी जाएगी।

दूसरा जहाज कब पहुंचेगा Iran-Israel War
इसके बाद 25 मार्च को “अपोलो ओसिएन” नाम का दूसरा जहाज भारत पहुंचेगा, जिसमें 26,687 टन एलपीजी (Iran-Israel War) होगी। यह खेप इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के लिए निर्धारित है। विभिन्न स्रोतों से गैस मंगाकर देश में आपूर्ति को मजबूत किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
#WATCH | Karnataka: Pyxis Pioneer, a cargo ship carrying LPG from Nederland, Texas in the US arrives at New Mangalore Port in Mangaluru.
Visuals from the Port this morning. pic.twitter.com/3G1m4soa94
— ANI (@ANI) March 22, 2026
जानकारों के अनुसार, 29 मार्च को एक और बड़ा जहाज अमेरिका से लगभग 30,000 टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचेगा। यह गैस हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लिए होगी। मंगलुरु स्थित HPCL प्लांट से इस गैस को सिलेंडर फिलिंग प्लांट्स तक भेजा जाएगा और पाइपलाइन के जरिए बेंगलुरु जैसे शहरों में आपूर्ति की जाएगी। लगातार आ रहे इन जहाजों से न्यू मंगलुरु पोर्ट पर गैस स्टॉक बढ़ेगा और आने वाले दिनों में सप्लाई बेहतर होने की संभावना है।



