HIT AND RUN COMPENSATION SCHEME : सरकार के इस एक फॉर्म से पाएं 2 लाख की तुरंत मदद!

अज्ञात वाहनों की टक्कर से उजड़ते परिवारों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा सहारा! अब रसूखदारों या बेखौफ ड्राइवरों की लापरवाही का शिकार होने वाले परिवारों को मुआवजे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने 2 लाख की 'त्वरित आर्थिक सहायता' का ऐलान कर दिया है।

By admin
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HIT AND RUN COMPENSATION SCHEME

Road Accident Relief Fund : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों (Hit and Run Compensation Scheme) का ग्राफ डराने वाला है, जहां हर दिन औसतन 20 से 22 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या उन मामलों की होती है जहां टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो जाता है। ऐसे हिट एंड रन मुआवजा योजना के मामलों में पीड़ितों के आंसू पोंछने के लिए राज्य सरकार ने केंद्रीय मंत्रालय की योजना के तहत बड़ी राहत राशि की घोषणा की है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य इस अत्यंत कठिन समय में प्रभावित परिवारों को त्वरित आर्थिक संबल प्रदान करना है।

किसे और कैसे मिलेगी यह राशि

सरकार ने मुआवजे की पात्रता और श्रेणियों को स्पष्ट कर दिया है

मृत्यु की स्थिति में: पीड़ित के पति/पत्नी, माता-पिता या बच्चों को ₹2 लाख की सहायता मिलेगी।

गंभीर चोट की स्थिति में: यदि पीड़ित जीवित है लेकिन चोट गंभीर है, तो वह स्वयं ₹50,000 के लिए आवेदन कर सकता है।

परिवहन मंत्री ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी हादसे की स्थिति में घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि हिट एंड रन मुआवजा योजना (Hit and Run Compensation Scheme) के तहत केस दर्ज कर प्रक्रिया शुरू की जा सके।

आवेदन का सबसे आसान तरीका (Step-by-Step)

पीड़ित परिवार को संबल देने के लिए आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल रखा गया है:

सबसे पहले नजदीकी पुलिस थाने में जाकर दुर्घटना की FIR दर्ज करवाएं।

आवश्यक दस्तावेज जैसे FIR की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट (मृत्यु होने पर) या मेडिकल सर्टिफिकेट (घायल होने पर) तैयार रखें।

अपने पहचान पत्र और बैंक पासबुक की प्रति के साथ निर्धारित फॉर्म भरकर क्षेत्रीय SDM कार्यालय में जमा करें।

सत्यापन होते ही प्रशासन राहत राशि सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर देगा।

रायपुर और दुर्ग में रफ्तार का कहर Hit and Run Compensation Scheme

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 6 वर्षों में राज्य में 33,700 से अधिक लोगों ने सड़क हादसों में दम तोड़ा है। राजधानी रायपुर और दुर्ग जैसे शहरों में तेज रफ्तार के कारण बाइक सवारों और पैदल यात्रियों को कुचलने के मामले सबसे ज्यादा हैं। पिछले साल रायपुर के तेलीबांधा जैसे पॉश इलाकों में भी रसूखदारों द्वारा किए गए हिट एंड रन के मामले सामने आए थे। इन्हीं गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए हिट एंड रन मुआवजा योजना (Hit and Run Compensation Scheme) को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है।

 


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