Chhattisgarh Durgaavati Yojana : 18 साल की उम्र पूरी होते ही बेटियों को मिलेंगे 1.5 लाख रुपये, छत्तीसगढ़ में शुरू होगी यह योजना

Durgawati Yojana : छत्तीसगढ़ की बेटियों के भविष्य को मिलेगी नई उड़ान; 18 वर्ष की आयु होते ही साय सरकार देगी 1.5 लाख रुपये की सौगात, दुर्गावती योजना (Durgawati Yojana) से सशक्त होंगी प्रदेश की लाड़लियाँ और मिटेगा भेदभाव का अंधकार।

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Chhattisgarh Durgaavati Yojana
Highlights
  • वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 1.72 लाख करोड़ के बजट में किया "Durgawati Yojana" का ऐलान
  • बेटियों के जन्म से ही शुरू होगा योजना का लाभ, परिपक्वता पर मिलेगी बड़ी एकमुश्त राशि।
  • महिला सशक्तिकरण और लिंगानुपात सुधारने की दिशा में साय सरकार का ऐतिहासिक कदम।

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश की बेटियों (Chhattisgarh Durgaavati Yojana) के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए अपने पिटारे से एक ऐसी योजना निकाली है, जो आने वाले समय में गेम चेंजर साबित होगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दुर्गावती योजना (Chhattisgarh Durgaavati Yojana) की घोषणा की है। इस दूरगामी पहल के तहत राज्य की प्रत्येक पात्र बालिका को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

1.72 लाख करोड़ के बजट में बेटियों पर फोकस

साय सरकार का यह तीसरा बजट तकनीकी नवाचार और जनकल्याण का मिश्रण माना जा रहा है। कुल 1,72,000 करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ आधी आबादी को केंद्र में रखा गया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्गावती योजना (Durgawati Yojana) केवल एक आर्थिक सहायता मात्र नहीं है, बल्कि यह बेटियों के प्रति समाज के नजरिए को बदलने का एक वैचारिक आंदोलन है। सरकार ने इस योजना के प्रारंभिक क्रियान्वयन के लिए बजट में फिलहाल 15 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है, जिसे भविष्य में मांग के अनुसार बढ़ाया जाएगा।

जन्म से लेकर आत्मनिर्भरता तक का सफर

इस योजना का सबसे अनूठा पहलू यह है कि बेटियों को जन्म के समय से ही इस योजना से संबद्ध कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर बेटी जब वयस्क हो, तो उसके पास उच्च शिक्षा या स्वरोजगार के लिए एक सम्मानजनक राशि मौजूद हो। दुर्गावती योजना (Chhattisgarh Durgaavati Yojana) के माध्यम से शासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों में बेटी का जन्म चिंता का नहीं, बल्कि उत्सव का कारण बने। 1.5 लाख रुपये की यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।

बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता पर प्रहार

छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बेटियों के लिए पहले से ही ‘महतारी वंदन’ जैसी कई सफल योजनाएं संचालित हैं। लेकिन दुर्गावती योजना (Chhattisgarh Durgaavati Yojana) का मुख्य उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना है। अक्सर आर्थिक तंगी के कारण कई बेटियाँ 10वीं या 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं या उनकी कम उम्र में शादी कर दी जाती है। साय सरकार की इस पहल से बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने या अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी। यह योजना समाज में व्याप्त उस कुरीति पर प्रहार करती है जहाँ बेटियों को परिवार पर आर्थिक बोझ समझा जाता है।

Chhattisgarh Durgaavati Yojana पात्रता और नियमों का जल्द होगा खुलासा

हालांकि बजट सत्र में योजना की बड़ी घोषणा कर दी गई है, लेकिन इसके विस्तृत दिशा-निर्देश अभी प्रतीक्षित हैं। विभाग जल्द ही दुर्गावती योजना (Chhattisgarh Durgaavati Yojana) के लिए पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित नियम जारी करेगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह योजना बीपीएल परिवारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए प्राथमिकता के आधार पर लागू होगी। सरकार यह भी तय करेगी कि इस योजना का लाभ लेने के लिए बालिका का स्कूल जाना अनिवार्य हो, ताकि शिक्षा के स्तर में भी सुधार आए।

 

 

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