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भाव-भंगिमाओं और मुद्राओं ने बांधा समां, रोमांचित हुए कला-प्रेमी ।
रायगढ़ 29 अगस्त 2025 40वें चक्रधर समारोह के तीसरे दिन रामलीला मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का वातावरण उस समय रोमांचित हो उठा जब बेंगलुरु से पहुंची भरतनाट्यम गुरु श्रीमती बाला विश्वनाथ और उनकी टीम ने मंच पर दक्षिण भारत, तमिलनाडु के भरतनाट्यम की भव्य प्रस्तुति दी। भाव-भंगिमाओं और सधी हुई मुद्राओं से सजे इस नृत्य ने उपस्थित दर्शकों को आनंद और सौंदर्य का अद्भुत अनुभव कराया।
श्रीमती बाला विश्वनाथ और उनकी टीम द्वारा आज चक्रधर समारोह में भगवान शिव, मां दुर्गा, मां महिषासुर मर्दानी की स्तुति पर आधारित भक्तिमय प्रदर्शन से लोगों को भाव विभोर किया। श्रीमती बाला विश्वनाथ और उनकी टीम ने भरतनाट्यम की परंपरागत शैली में विभिन्न रचनाओं को प्रस्तुत किया। नृत्य की लय, गति और भाव-प्रदर्शन ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई से जोड़ दिया। मंच पर जब एक-एक भाव और मुद्रा सजीव हुई तो पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा।
गौरतलब है कि श्रीमती बाला विश्वनाथ और उनकी टीम ने भरतनाट्यम की प्रस्तुतियों से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनकी कला ने विभिन्न मंचों पर भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को बढ़ाया है। गुरु श्रीमती बाला विश्वनाथ दूरदर्शन की ग्रेडेड कलाकार हैं। उदया टी वी, जया टी वी, चंदन टी वी आदि दक्षिण भारतीय चैनलों पर उनके नृत्य कार्यक्रम निरंतर प्रसारित होते हैं। ऐसे कला निपुण कलाकार भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दर्शकों ने भी इस अद्भुत प्रस्तुति को अविस्मरणीय बताते हुए मुक्तकंठ से प्रशंसा की। तीसरे दिन की यह संध्या निश्चित रूप से 40वें चक्रधर समारोह के इतिहास में आज एक सुनहरा अध्याय बनकर दर्ज हुई।