BharatNet 3 Chhattisgarh : 3928 करोड़ खर्च कर छग के 1670 पंचायतों में पहुंचेगा इंटरनेट, 4048 गांवों की स्पीड बढ़ेगी

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने भारतनेट-3 योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत दूरस्थ ग्राम पंचायतों तक फाइबर इंटरनेट पहुंचाया जाएगा और हजारों गांवों में नेटवर्क स्पीड बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण विकास, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं को मजबूत आधार मिलेगा।

By admin
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BharatNet 3 Chhattisgarh
Highlights
  • 11,682 ग्राम पंचायतों में न्यूनतम 25 Mbps स्पीड का टारगेट
  • ब्लॉक से गांव तक चरणबद्ध इंटरनेट वितरण मॉडल लागू होगा
  • IPMPLS तकनीक से नेटवर्क की स्थिरता और डेटा स्पीड बढ़ेगी

BharatNet-3 Expansion : केंद्रीय दूरसंचार विभाग ने छत्तीसगढ़ में भारतनेट-3 (BharatNet 3 Chhattisgarh) की मंजूरी दे दी है। जिन 1670 ग्राम पंचायतों में आज तक इंटरनेट नहीं पहुंच पाया है, वहां अब फाइबर लाइन बिछाई जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को भारतनेट-3 योजना (BharatNet-3 Expansion) के तहत लागू किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने चिप्स (CHiPS) को नोडल एजेंसी बनाया है और इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 3928 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी।

वर्तमान में प्रदेश की 5,964 ग्राम पंचायतें पहले से ही रिंग टोपोलॉजी नेटवर्क (BharatNet 3 Chhattisgarh) से जुड़ी हुई हैं। अब भारतनेट-3 विस्तार (BharatNet-3 Expansion) के तहत इस नेटवर्क को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे कुल 11,682 ग्राम पंचायतों में न्यूनतम 25 एमबीपीएस डाउनलोड स्पीड सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे न केवल इंटरनेट की पहुंच बढ़ेगी बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्थिरता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

इस योजना (BharatNet 3 Chhattisgarh) का एक अहम हिस्सा यह भी है कि पहले चरण में बीएसएनएल द्वारा किए गए 4048 ग्राम पंचायतों के कार्य को अपग्रेड किया जाएगा। यानी पुराने नेटवर्क को नई तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में तेज इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो सके। भारतनेट-3 अपग्रेडेशन प्रक्रिया (BharatNet-3 Expansion) के माध्यम से इन पंचायतों में डिजिटल सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

सरकार का अगला लक्ष्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से गांव-गांव तक इंटरनेट (BharatNet 3 Chhattisgarh) पहुंचाना है। इसके लिए पहले बीएसएनएल सभी 142 ब्लॉकों को इंटरनेट लीज्ड लाइन की सुविधा देगा। इसके बाद ब्लॉक से ग्राम पंचायत तक फाइबर लाइन बिछाई जाएगी और पंचायत स्तर पर राउटर स्थापित किए जाएंगे। फिर पंचायतों से गांवों तक इंटरनेट वितरण किया जाएगा। यह पूरा मॉडल भारतनेट-3 नेटवर्क (BharatNet-3 Expansion) के तहत जियो और एयरटेल की तरह एक मजबूत सरकारी सिस्टम तैयार करेगा।

BharatNet 3 Chhattisgarh 8 राज्यों में योजना चालू

देश में वर्तमान समय में केवल आठ राज्य छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, गुजरात, झारखंड और तमिलनाडु ऐसे हैं, जहां इस तरह की परियोजनाएं राज्य स्तर पर संचालित की जा रही हैं। बाकी राज्यों में यह कार्य केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के सफल क्रियान्वयन से अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण स्थापित हो सकता है।

भारतनेट-3 के अंतर्गत केंद्र सरकार ने यह भी तय किया है कि आने वाले समय में देश के करीब 3 लाख 30 हजार गांवों में इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। भारतनेट-3 ग्रामीण कनेक्टिविटी मिशन (BharatNet-3 Expansion) ग्रामीण भारत को डिजिटल इंडिया से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा माध्यम बनेगा।

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BharatNet 3 Chhattisgarh डिजिटल सेवाओं का विस्तार

छत्तीसगढ़ में भारतनेट-3 योजना (BharatNet-3 Expansion) के तहत 1670 ग्राम पंचायतों में पहली बार फाइबर इंटरनेट पहुंचाया जाएगा, जबकि 4048 पंचायतों के पुराने नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। 3928 करोड़ रुपए की इस परियोजना में CHiPS को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हाईस्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा।

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डेटा ट्रांसफर तेज और स्थिर होगा

भारतनेट-3 विस्तार (BharatNet-3 Expansion) के जरिए प्रदेश की कुल 11,682 ग्राम पंचायतों में कम से कम 25 एमबीपीएस स्पीड उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। नई IPMPLS तकनीक के जरिए डेटा ट्रांसफर तेज और स्थिर होगा। योजना के तहत ब्लॉक से पंचायत और पंचायत से गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने का पूरा रोडमैप तैयार किया गया है।

जानिए… अब तक भारतनेट की कहानी

भारतनेट-1 : 2016 में यह योजना शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों को डिजिटलाइज करना था। सरकार अपना इंटरनेट सिस्टम (BharatNet 3 Chhattisgarh) खड़ा करना चाहती थी ताकि पंचायतों के माध्यम से गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाया जा सके। छत्तीसगढ़ में इसका काम बीएसएनएल को सौंपा गया था, जहां पुरानी तकनीक के फाइबर और राउटर लगाए गए।

भारतनेट-2 : 2018 में इस परियोजना को डेटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के माध्यम से चिप्स को सौंपा गया। इसके तहत 5,987 ग्राम पंचायतों में फाइबर बिछाने का लक्ष्य था। केंद्र सरकार ने 2155 करोड़ और राज्य सरकार ने 112 करोड़ रुपए दिए। 2023 तक 5540 पंचायतों में फाइबर बिछाई गई, लेकिन कई जगह नेटवर्क चालू नहीं हो पाया और लापरवाही के चलते ठेका रद्द करना पड़ा।

भारतनेट-3 : अब 2026 में यह योजना (BharatNet 3 Chhattisgarh) नए रूप में शुरू हो रही है। अप्रैल तक इसका टेंडर जारी होने की संभावना है। इस बार अत्याधुनिक IPMPLS तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा तेजी से एक नोड से दूसरे नोड तक पहुंचेगा। भारतनेट-3 नई तकनीक अपग्रेड (BharatNet-3 Expansion) के तहत बीएसएनएल के पुराने नेटवर्क को भी इसी तकनीक में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे इंटरनेट सेवा अधिक तेज और भरोसेमंद बनेगी।

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