Gariaband News : गरियाबंद जिले के पोड़ गांव में जल संकट (Gariaband Water Crisis) ने अब उग्र रूप ले लिया है। लंबे समय से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीणों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। प्रशासन की कथित अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर बर्तनों के साथ डेरा डालकर चक्काजाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा।
सोमवार सुबह पोड़ गांव के सैकड़ों ग्रामीण, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं, खाली बाल्टी और बर्तन लेकर मुख्य सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने बीच सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भीषण गर्मी में भी गांव में पानी की सप्लाई ठप है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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महिलाओं का मोर्चा, पानी नहीं तो राहत नहीं
आंदोलन की कमान संभाल रही महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए मीलों दूर भटकना पड़ रहा है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई सुध नहीं ली। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
मामले (Gariaband Water Crisis) की गंभीरता को देखते हुए पाण्डुका पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ लंबी चर्चा की। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि गांव में तत्काल वैकल्पिक माध्यमों (टैंकर) से पानी की आपूर्ति की जाएगी। पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाएगा।
चेतावनी के बाद खुला जाम Gariaband Water Crisis
अधिकारियों के लिखित मौखिक भरोसे के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में पानी की समस्या हल नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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