Sarangarh News : छत्तीसगढ़ सरकार भले ही प्रदेश (Sarangarh Dial 112 Service Down) में बेहतर कानून व्यवस्था और सुशासन का दावा करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थितियां चिंताजनक हैं। ओडिशा सीमा से लगे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के डोंगरीपाली थाने में इमरजेंसी सेवा ‘डायल 112’ खुद मदद की गुहार लगा रही है। आम जनता को तत्काल सहायता पहुंचाने वाली यह महत्वपूर्ण सेवा यहां महीनों से पूरी तरह ठप पड़ी है।
थाने में कबाड़ बन गई सरकारी गाड़ी
जिला मुख्यालय सारंगढ़ से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित डोंगरीपाली थाना क्षेत्र की डायल 112 गाड़ी पिछले कई महीनों से खराब होकर थाने में धूल फांक रही है। संवेदनशील इलाका होने के बावजूद गाड़ी की कबाड़ हालत प्रशासनिक उपेक्षा की कहानी बयां कर रही है।
बॉर्डर पर सुरक्षा के साथ खिलवाड़ Sarangarh Dial 112 Service Down
डोंगरीपाली थाना ओडिशा सीमा से महज 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सीमा विवाद और तस्करी के लिहाज से यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील माना जाता है। स्थिति यह है कि यहां इमरजेंसी काल आने पर 30 किलोमीटर दूर बरमकेला थाने से 112 की गाड़ी बुलानी पड़ती है। इसके चलते जिस मदद को 10 से 30 मिनट में पहुंचना चाहिए, उसे पहुंचने में 1 से 2 घंटे का समय लग रहा है।
गरीब आदिवासियों पर आर्थिक बोझ
सरकार द्वारा डायल 112 सेवा पूरी तरह निशुल्क प्रदान की जाती है, लेकिन डोंगरीपाली क्षेत्र के लगभग 55 गांवों के लोग इस सुविधा से वंचित हैं। इस गरीब आदिवासी बहुल क्षेत्र में आपातकालीन स्थिति आने पर लोगों को निजी वाहनों के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सुशासन के दावों के बीच इस बुनियादी सुविधा का अभाव स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
इस संबंध में जब डोंगरीपाली थाना प्रभारी भगवती प्रसाद कुर्रे से हमारे प्रतिनिधि ने चर्चा की तो उन्होंने कहा कि डायल 112 की गाड़ी 10-15 दिनों से खराब है। मेरे द्वारा ऊपर विभाग को सूचना दे दी गई है। विभाग के अधिकारी आकर गाड़ी को देख भी चुके हैं। पुनः जल्द से जल्द 112 की सुविधा चालू हो जाएगी।

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