CBSE Exam Cheating Rule : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE Exam Cheating Rule) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में चीटिंग पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है। नए नियमों के मुताबिक यदि कोई छात्र परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा जाता है तो उस विषय का परिणाम सीधे रद्द कर दिया जाएगा।
पहले छात्रों को अतिरिक्त यानी छठे या सातवें विषय के अंकों से उस विषय को बदलकर पास होने की सुविधा मिल जाती थी, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। बोर्ड का मानना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पहले क्या था नियम (CBSE Exam Cheating Rule)
पहले की व्यवस्था के अनुसार यदि कोई छात्र किसी एक विषय में नकल (CBSE Exam Cheating Rule) करते हुए पकड़ा जाता था तो उस विषय का परिणाम रद्द कर दिया जाता था। हालांकि छात्रों को एक विकल्प दिया जाता था कि वे अपने अतिरिक्त विषय यानी छठे या सातवें विषय के अंकों से उस विषय को बदल सकते थे। इस व्यवस्था के कारण कई छात्र कुल अंकों के आधार पर परीक्षा में पास हो जाते थे।
सीबीएसई के रिकॉर्ड के अनुसार साल 2025 की मुख्य परीक्षाओं में लगभग 30 से 40 प्रतिशत ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें छात्र (CBSE नकल नियम) के तहत पकड़े जाने के बाद भी अतिरिक्त विषय के अंकों की मदद से पास हो गए थे। इसी वजह से बोर्ड ने इस व्यवस्था की समीक्षा की।
क्यों बदला गया नियम (CBSE Exam Cheating Rule)
बोर्ड की समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि अतिरिक्त विषय के अंकों से पास होने की सुविधा का कई छात्र गलत फायदा उठा रहे थे। इससे परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे थे। इसी को देखते हुए सीबीएसई ने (CBSE नकल नियम) में बदलाव करने का निर्णय लिया है।
अब यदि कोई छात्र किसी भी विषय में नकल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसका परिणाम उस विषय में रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही उस विषय को किसी भी अतिरिक्त विषय के अंकों से बदलने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को सीधे कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा जाएगा और उन्हें उसी विषय की परीक्षा फिर से देनी होगी। इस तरह (CBSE नकल नियम) के तहत नकल करने वाले छात्रों के लिए पास होना पहले से ज्यादा कठिन हो जाएगा।
10वीं और 12वीं दोनों परीक्षाओं में लागू
सीबीएसई (CBSE Exam Cheating Rule) का यह नया नियम वर्ष 2026 से कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में लागू किया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान अनुशासन और ईमानदारी बनाए रखना छात्रों की जिम्मेदारी है।
बोर्ड का कहना है कि (CBSE नकल नियम) का उद्देश्य छात्रों में ईमानदारी की भावना को बढ़ावा देना और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। यदि कोई छात्र परीक्षा के दौरान चीटिंग करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे सीधे नुकसान उठाना पड़ेगा और उसे दोबारा परीक्षा देनी पड़ सकती है।

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