Iran Drone Attack : ईरान के ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको (Saudi Aramco Refinery Shutdown) ने रास तनुरा रिफाइनरी एहतियातन बंद कर दी है। सऊदी अरामको द्वारा रिफाइनरी बंद किए जाने की खबरों के सामने आते ही वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई और ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस घटनाक्रम को वैश्विक ऊर्जा संकट की नई चेतावनी माना जा रहा है।
दुबई में स्थित दुनिया के सबसे बड़े ऑयल टैंक ‘अरामको’ पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन अटैक के बाद हालात तेजी से बदल गए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने ड्रोन हमलों के बाद सोमवार को अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी (Saudi Aramco Refinery Shutdown) को एहतियातन बंद करने का फैसला लिया। रिपोर्ट के अनुसार, रिफाइनरी बंद होने की खबर सामने आते ही ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 9.32% तक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसने अंतरराष्ट्रीय बाजारों को झटका दिया।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी (Saudi Aramco Refinery Shutdown) को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया है। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और एहतियाती कदम उठाए गए हैं ताकि किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर आने वाले दिनों में वैश्विक तेल सप्लाई पर पड़ सकता है।
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दुनियाभर में ईरान के साथ बढ़ते युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमतों में पिछले चार वर्षों का सबसे बड़ा उछाल देखा गया है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट के जरिए होने वाला व्यापार लगभग प्रभावित हो गया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के कुल कच्चे तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। हालांकि ईरान ने आधिकारिक रूप से इस जलमार्ग को बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन युद्ध जैसे हालातों के बीच जहाज मालिकों ने स्वयं ही आवाजाही सीमित कर दी है, जिससे तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Saudi Aramco Refinery Shutdown युद्ध ऑयल मार्केट के लिए खतरनाक
विश्लेषकों के अनुसार, ईरान युद्ध अब ग्लोबल ऑयल मार्केट के लिए बेहद खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा शनिवार को ईरान के कई ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए और स्थानीय लोगों से इस्लामिक शासन के खिलाफ खड़े होने की अपील की गई। इसके बाद क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ गया, जिसका सीधा असर ऊर्जा बाजार पर देखने को मिल रहा है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए इज़रायल के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य रणनीतिक स्थानों पर हमलों की झड़ी लगा दी। इस बढ़ते संघर्ष के बीच अरामको रिफाइनरी बंद (Saudi Aramco Refinery Shutdown) होने की घटना ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

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