रानीडीह युवा समिति ने धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा

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राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ रायगढ़  – बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की उपासना करने से बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। इस दिन को मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। मां शारदा को विद्या, संगीत कला की देवी कहा जाता है। ऐसे में बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा करने से इन क्षेत्रों में अपार तरक्की हासिल होती है।

गांव रानीडीह में कलश यात्रा बड़े उत्साह के साथ किया गया मां शारदे मूर्ति की स्थापना 23 को किया गया। ओर विर्सजन 27 को किया गया।

शारदा पूजन में हर दिन संध्या आरती के साथ प्रसाद वितरण

विगत तीन वर्षों से बड़े धूमधाम से रानीडीह युवा समिति के द्वारा मनाया जा रहा है। संध्या के समय गांव के सभी सदस्यों की उपस्थिति में मां शारदे की आरती और प्रसाद वितरण किया गया। गांव की एकजुटता से कार्यक्रम सपन्न हुआ विशेष सहयोग गाँव के सभी सदस्यों बड़े बुजुर्गों सब मिलकर उत्साह से मनाया गया। समिति की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


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