पुलिस सूत्रों के मुताबिक।
कल यानी 14 अक्टूबर की शाम से रात उसकी ड्यूटी थी।बताया जाता है कि कंपनी के स्टॉक हाउस के पास हॉपर में प्लेरफॉर्म बनने का काम चल रहा था। देर शाम लगभग साढ़े 6 बजे श्रीकांत हॉपर के तकरीबन 15 मीटर यानी 45 फीट ऊपर प्लेटफार्म में चढ़कर चैनल वेल्डिंग का काम कर रहा था।इस दौरान अचानक उसका शारीरिक संतुलन बिगड़ते ही वह नीचे गिर गया। श्रीकांत को हॉपर से नीचे गिरते देख आसपास काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। चूंकि,।श्रीकांत के शरीर के बाहरी के अलावे अंदरूनी हिस्सों में काफी चोटें आई, इसलिए हादसे की सूचना ठेकेदार अदालत गिरी और कंपनी प्रबंध्न को देते हुए आनन-फानन में जख्मी वेल्डर को रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉक्टर्स ने प्राथमिक परीक्षण में उसे मृत घोषित कर दिया।
बहरहाल, बुधवार को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के मर्च्युरी रूम में पोस्टमार्टम की कार्रवाई करने वाली चक्रधर मगर पुलिस मर्ग कायम कर हादसे की तहकीकात में जुटी है।
एजी कंस्ट्रक्शन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ठेकेदार अदालत गिरी के एजी कंट्रक्शन में गुजरे 2 बरस से बतौर वेल्डर के रूप में काम करने वाले श्रीकांत की दर्दनाक मौत ने उसके परिजनों को झकझोर कर रख दिया है। जानकारों की माने तो हॉपर में 45 फीट ऊपर चढ़कर प्लेटफार्म में चैनल वेल्डिंग वर्क के दौरान श्रीकांत को सुरक्षा के लिए जो जरूरी संसाधन पहनना था, उसकी कमी थी। यही वजह है कि सुरक्षा इंतजाम में चूक ने नवयुवक को काल के गाल में धकेल दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस अब घटना स्थल का जायजा लेते हुए सुरक्षा इंतजाम की असलीयत की सुध ले रही है।
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