Chhattisgarh Bureaucracy News : छत्तीसगढ़ सरकार ने भले ही खनिज विभाग को स्थानांतरण नीति (Mining Officer Transfer List) से बाहर रखा हो, लेकिन विभागीय तबादलों का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रशासनिक फेरबदल के तहत खनिज विभाग के उप संचालक, खनिज अधिकारी और निरीक्षक स्तर के 9 अधिकारियों का तबादला किया गया है। यह फेरबदल तब हुआ है, जब सरकार ने विभाग को स्थानांतरण प्रतिबंध के दायरे में रखा है।
जानकारी के मुताबिक, उप संचालक प्राची अवस्थी को जिला कार्यालय रायपुर, दिनेश कुमार मिश्र को बिलासपुर से नवा रायपुर, और कुंदन कुमार बंजारे को बलौदाबाजार-भाटापारा से संचालनालय, नवा रायपुर (Mining Officer Transfer List) भेजा गया है।
इसी तरह, खनिज अधिकारी के.के. गोलघाटे को रायपुर से बिलासपुर, राजेश मालवे को रायगढ़ से उत्तर बस्तर कांकेर, रमाकांत सोनी को बिलासपुर से रायगढ़ तथा संत कुमार साहू को कांकेर से राजनांदगांव ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा, विरंजीत कुमार को जशपुर से बीजापुर, और खनिज निरीक्षक रेखालाल राजपूत को जशपुर से जांजगीर-चांपा भेजा गया है।
मंत्रालय में सक्रिय है तबादला ‘लॉबी’ (Mining Officer Transfer List)
सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय में तैनात एक प्रभावशाली अधिकारी इन तबादलों में प्रत्यक्ष भूमिका निभा रहा है। यह अधिकारी न सिर्फ तबादलों को मंजूरी दिलवा रहा है, बल्कि मनपसंद जगहों पर पदस्थापना भी सुनिश्चित कर रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि जल्द ही एक और लंबी तबादला सूची जारी हो सकती है।
गौरतलब है कि राज्य शासन ने खनिज विभाग को स्थानांतरण नीति से बाहर रखा है, यानी बिना ठोस कारणों के तबादले नहीं किए जा सकते। बावजूद इसके, अधिकारियों की अदला-बदली का सिलसिला जारी है, जिससे विभागीय कर्मियों में असमंजस की स्थिति है।
एक साल पहले जिन अधिकारियों को जिलों में पदस्थ (Mining Officer Transfer List) किया गया था, उन्हें भी वापस हटाने की तैयारी की जा रही है। इसे लेकर नाराजगी और भ्रांति दोनों फैल रही हैं। सूत्र बताते हैं कि इस बदलाव का फायदा कुछ चुनिंदा अधिकारियों को मिल रहा है।

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