Chhattisgarh News : रायपुर से सारंगढ़ तक नेशनल हाईवे 130बी को अब फोरलेन (Raipur-Sarangarh Fourlane) में विस्तारित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 2,146 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। अब रायपुर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कलेक्टरों ने 30-30 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
फोरलेन सड़क निर्माण के पहले चरण में रायपुर विधानसभा क्षेत्र से बलौदाबाजार सीमा तक की कुल 53.1 किलोमीटर की दूरी शामिल है, जिसके लिए 844 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। दूसरे चरण में 53.1 किलोमीटर से लेकर 85.6 किलोमीटर तक का खंड शामिल किया गया है, जिस पर 650 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है।
तीसरे चरण में 85.6 से 118.2 किलोमीटर तक का सड़क निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस संपूर्ण परियोजना से जहां एक ओर यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, वहीं औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
रायपुर जिले के इन गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक
फोरलेन परियोजना (Raipur-Sarangarh Fourlane) के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसी क्रम में रायपुर जिला प्रशासन ने रायपुर जिले की धरसींवा, मंदिरहसौद, खरोरा, आरंग और रायपुर तहसीलों के अंतर्गत आने वाले कई ग्रामों में अगली सूचना तक भूमि की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस प्रतिबंध की सूची में निमोरा-1, धनेली-1, रांवाभाठा, सिलतरा, गिरौद, टेकारी, परसुलीडीह, बड़ौदा, मटिया, जरौदा, निलजा, सेमरिया-2, नरदहा, बरौंदा, कुर्रा, मुर्रा, सिर्री, कनकी, खैरा समेत कुल 30 से अधिक गांवों को शामिल किया गया है।
Raipur-Sarangarh Fourlane सारंगढ़ में इन गांवों में रोक
सारंगढ़ से बलौदाबाजार होते हुए रायपुर तक की नेशनल हाईवे 130बी सड़क को फोरलेन में परिवर्तित किए जाने की योजना के तहत सारंगढ़ शहर सहित कुल 30 गांवों की जमीन पर खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रभावित गांवों में परसदा बड़े, टाड़ीपार, पिकरी, लिमगांव, अमलीपाली अ, कलमी, बरभांठा अ, परसापाली, छिंद, अचानकपाली, कुधरी, गोंडिहारी, हरिहरपाली, दुर्गापाली, चंदाई, भोजपुर, खम्हारडीह, सारंगढ़, पचपेड़ी, उधरा, कोतरी, रेड़ा, दर्राभाठा, हरदी, महकमपुर, नंदनपुर, सुवाताल, हिर्री और गोंडम शामिल हैं।
ट्रैफिक से मिलेगी राहत, घटेगी दुर्घटनाएं
रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग वर्तमान में दो लेन का है और इस पर भारी वाहनों का दबाव दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। बलौदाबाजार क्षेत्र में प्रदेश के अधिकांश सीमेंट संयंत्र स्थित होने के कारण यहां औद्योगिक परिवहन का दबाव अत्यधिक है। सड़क की चौड़ाई सीमित होने की वजह से इस मार्ग पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। फोरलेन निर्माण से न केवल इस मार्ग पर यातायात अधिक सहज और तेज होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा उपकरणों की स्थापना से दुर्घटनाओं की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।