Preparations for the comprehensive development of the Ghateswari Temple घटेश्वरी मंदिर क्षेत्र बनेगा नया पर्यटन केंद्रः केलो तट के समग्र विकास की तैयारी

3 Min Read

राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ रायगढ़ :-वनांचल के काटाझरिया में कलेक्टर ने किया निरीक्षण, संगम स्थल की संभावनाओं पर जोर…..प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए मूलभूत सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश….रायगढ़, 14 फरवरी 2026 रायगढ़ जिले Raigarh (district ) के सुदूर वनांचल क्षेत्र तमनार विकासखंड के ग्राम पंचायत कसडोल  (Gram panchayat kasdol)के आश्रित ग्राम-काटाझरिया स्थित घटेश्वरी मंदिर (Ghateswari Temple )परिसर एवं केलो नदी( kelonadi) तट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल प्रारंभ कर दी है। रायगढ़ से लगभग एक सवा घंटे की दूरी पर स्थित केलो नदी तथा पाछर नदी के संगम स्थल के निकट मुख्य मार्ग पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और शांत वातावरण के कारण पहले से ही आकर्षण का केंद्र रहा है।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने खनिज उत्खनन प्रभावित वनांचल क्षेत्र के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों के साथ स्थल का निरीक्षण किया और पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला पंचायत सीईओ एवं घरघोड़ा एसडीएम को इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पंचायत सीईओ को पर्यटन विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर ग्राम समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों ने बताया कि रायगढ़ शहर के निकट होने के कारण छुट्टियों एवं अवकाश के दिनों में यहां रायगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दर्शन और भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। यदि पर्यटकों एवं दर्शनार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर मूलभूत सुविधाएं-जैसे स्वच्छता व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और मार्गदर्शन संकेतक, उपलब्ध कराई जाएं, तो यहां पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
कलेक्टर ने मंदिर परिसर के पीछे स्थित केलो नदी तट का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना किए जा सकते है। मैदानी समतलीकरण पेड़ पौधों को नुकसान किए बिना, पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्थलों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केलो नदी तट पर स्थित मंदिर के पीछे का क्षेत्र स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकास की पूरी संभावनाएं है। प्रारंभिक चरण में पर्यटकों और स्थानीय दर्शनार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जाए। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, घरघोड़ा एसडीएम  दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित स्थानीय एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


Discover more from RAJDHANI TIMES

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article

Discover more from RAJDHANI TIMES

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading