Chhattisgarh Wildlife News : कुकदूर क्षेत्र के कुई गांव में बीते शाम एक दर्दनाक घटना (Monkey Death Incident) सामने आई, जहां पेड़ से गिरकर आठ लंगूरों की मौत हो गई। यह घटना अब लंगूरों की संदिग्ध मौत के रूप में चर्चा में है। गांव के पुराने आश्रम परिसर में स्थित कदम के पेड़ पर यह लंगूर परिवार लंबे समय से रह रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी लंगूर सामान्य रूप से खेल-कूद रहे थे, लेकिन अचानक उनकी गतिविधियां बदल गईं। वे बुरी तरह छटपटाने लगे और कुछ ही पलों में एक-एक कर जमीन पर गिर गए। इस लंगूरों की सामूहिक मौत (Monkey Death Incident) में तीन शावक भी शामिल हैं, जिससे घटना और अधिक संवेदनशील हो गई है।
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वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेजी से हुई मौतें किसी सामान्य दुर्घटना का परिणाम नहीं हो सकतीं। प्रारंभिक तौर पर यह लंगूर मौत मामला (Monkey Death Incident) जहरीले पदार्थ के सेवन से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि किसी असामाजिक तत्व ने जानबूझकर खाने में जहर मिलाकर लंगूरों को दिया होगा।
सूचना मिलते ही कवर्धा जिले के पंडरिया अनुविभागीय अधिकारी सुयश दीवान और रेंजर पल्लवी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पूरे क्षेत्र को सील कर साक्ष्य जुटाए गए। शुक्रवार को वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने सभी शवों का पोस्टमार्टम किया। यह पूरी घटना अब वन विभाग की जांच के दायरे में है और लंगूर मौत जांच (Monkey Death Incident) रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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बिजली तार ने भालूओं की ली जान Monkey Death Incident
इधर, केंदई रेंज में एक और गंभीर मामला सामने आया, जहां करंट की चपेट में आकर एक मादा भालू और उसके दो शावकों की मौत (Korba Bear Electrocution) हो गई। यह हादसा ग्राम सलाईगोट के पास हुआ।
जांच में पता चला कि जंगल से गुजर रही विद्युत लाइन पर एक पेड़ की टहनी गिरने से तार टूट गया था और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान भालू और उसके शावक उस करंट की चपेट में आ गए। यह करंट हादसा (Monkey Death Incident) से अलग होते हुए भी वन्यजीव सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल के वन परिक्षेत्र अधिकारी निशांत कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि जंगलों में सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
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