Raigarh News : रायगढ़ जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों (LPG Cylinder Monitoring) के दुरुपयोग को रोकने और उपभोक्ताओं को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले के सभी विकासखंडों में राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया है। यह पूरा अभियान घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार गठित यह टीम जिले में संचालित सभी गैस एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखेगी। विशेष रूप से घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आवक-जावक और वितरण व्यवस्था (LPG Cylinder Monitoring) की नियमित जांच की जाएगी ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके और किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने न आए।
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गैस एजेंसियों की नियमित जांच होगी
खाद्य शाखा रायगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार संयुक्त जांच दल गैस एजेंसियों में सिलेंडरों की उपलब्धता, वितरण रिकॉर्ड और स्टॉक की स्थिति की लगातार निगरानी करेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल होटल, ढाबों या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तो नहीं किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग रोकना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे आम उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना करना पड़ सकता है। यह व्यवस्था गैस वितरण नियंत्रण (LPG Cylinder Monitoring) को मजबूत बनाने के लिए लागू की जा रही है।
विकासखंड स्तर पर गठित किए गए जांच दल
कलेक्टर के निर्देश पर जिले के प्रत्येक विकासखंड के लिए अलग-अलग अधिकारियों की टीम बनाई गई है। रायगढ़ विकासखंड के लिए तहसीलदार शिव डनसेना, नायब तहसीलदार हरनंदन बंजारे और सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी कुमार राव को जांच दल में शामिल किया गया है।
इसी तरह पुसौर विकासखंड में तहसीलदार अनुराधा पटेल और खाद्य निरीक्षक चुड़ामणि सिदार को जिम्मेदारी दी गई है। खरसिया विकासखंड में तहसीलदार संदीप राजपूत और खाद्य निरीक्षक बनमाली यादव जांच कार्य संभालेंगे। यह सभी टीमें अपने-अपने क्षेत्र में घरेलू गैस उपयोग की निगरानी (LPG Cylinder Monitoring) सुनिश्चित करेंगी।
घरघोड़ा विकासखंड में तहसीलदार मनोज गुप्ता और खाद्य निरीक्षक प्राची सिन्हा को टीम में शामिल किया गया है। तमनार विकासखंड में तहसीलदार ऋचा सिंह और खाद्य निरीक्षक प्राची सिन्हा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी प्रकार धरमजयगढ़ विकासखंड में तहसीलदार हितेश कुमार साहू और खाद्य निरीक्षक सुधारानी चौहान को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि लैलूंगा विकासखंड में तहसीलदार शिवम पाण्डेय और खाद्य निरीक्षक खुशीराम नायक को जांच दल में शामिल किया गया है। यह सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग और वितरण (LPG Cylinder Monitoring) की नियमित जांच करेंगे।
व्यावसायिक उपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में किया जाता पाया गया तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू गैस केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या दुरुपयोग की स्थिति न बने।
अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के तहत समय-समय पर अचानक निरीक्षण भी किए जाएंगे। यदि किसी गैस एजेंसी या व्यापारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी कार्रवाई उपभोक्ताओं को नियमित गैस आपूर्ति (LPG Cylinder Monitoring) सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
LPG Cylinder Monitoring उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता बेहतर होगी और उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सकेगी। साथ ही गैस की कालाबाजारी और अवैध उपयोग पर भी रोक लगेगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं घरेलू गैस का गलत उपयोग दिखाई दे तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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