Chhattisgarh News : ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप (Bihan Yojana Success Story) से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना (Bihan Yojana) आज जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव की सशक्त मिसाल बन चुकी है।
इसी योजना (Bihan Yojana Success Story) से जुड़कर कबीरधाम जिले के ग्राम सेमो की लता साहू (Lata Sahu) ने अपने परिश्रम, आत्मविश्वास और महिला स्व-सहायता समूह (Self Help Group) की सामूहिक ताकत से सफलता की प्रेरक कहानी लिखी है। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें 26 जनवरी गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) के अवसर पर दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा।
Bihan Yojana Success Story जमीन से जुड़ी सफलता की कहानी
कबीरधाम जिले के ग्राम सेमो की लता साहू ने बिहान योजना (Bihan Yojana) से जुड़कर सीमित आय के दायरे से बाहर निकलने का साहसिक निर्णय लिया। पहले जहां परिवार की दैनिक जरूरतें पूरी करना भी चुनौतीपूर्ण था, वहीं आज वे लखपति दीदी (Lakhpati Didi) के रूप में पहचान बना चुकी हैं। स्व-सहायता समूह के माध्यम से मिले ऋण से उन्होंने टेंट एवं कैटरिंग व्यवसाय (Tent Catering Business) की शुरुआत की, जिसने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया।
लता साहू (Bihan Yojana Success Story) की आर्थिक स्थिति पहले सामान्य थी। सीमित संसाधनों और आय के कारण परिवार का खर्च चलाना कठिन हो जाता था। ऐसे समय में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह (SHG) से जुड़ने का निर्णय लिया, जो उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। समूह से जुड़ने के बाद न केवल उनमें बचत की आदत विकसित हुई, बल्कि समूह के माध्यम से आजीविका ऋण (Livelihood Loan) भी प्राप्त हुआ।
इस ऋण राशि का सदुपयोग करते हुए लता साहू ने टेंट एवं कैटरिंग व्यवसाय (Tent Catering Business) की शुरुआत की। प्रारंभ में छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह कार्य धीरे-धीरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहचान बनाने लगा। समय पर कार्य पूर्ण करना, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान और निरंतर मेहनत उनके व्यवसाय की सबसे बड़ी ताकत बनी। परिणामस्वरूप उनकी मासिक और वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
आज लता साहू लखपति दीदी (Lakhpati Didi) के रूप में न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हैं, बल्कि परिवार की आवश्यकताओं को आत्मसम्मान के साथ पूरा कर रही हैं। उनकी सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। कई महिलाएं अब बिहान योजना (Bihan Yojana) और स्व-सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
लता साहू (Bihan Yojana Success Story) का कहना है कि “बिहान योजना (Bihan Yojana) ने मुझे आत्मविश्वास दिया। समूह की ताकत और सही मार्गदर्शन से मैं आज अपने पैरों पर खड़ी हूं।” उनकी यह यात्रा आज पूरे कबीरधाम जिले के लिए प्रेरणा बन चुकी है। गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) पर दिल्ली में मिलने वाला सम्मान न केवल लता साहू के लिए, बल्कि पूरे जिले और राज्य के लिए गौरव का विषय है।




