Gariaband News : राज्य के वन क्षेत्रों में लगातार सामने आ रहे शिकार के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने और वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण, सुरक्षा और संवर्धन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के पालन में प्रदेशभर में वन विभाग द्वारा सतत वन्यजीव सुरक्षा अभियान (Anti Snare Walk Campaign) संचालित किए जा रहे हैं, जिससे विभाग को लगातार सफलता मिल रही है।
वन क्षेत्रों में अवैध शिकार पर नियंत्रण के लिए कठोर गश्त, वनकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती, आधुनिक तकनीक, ड्रोन और ट्रैप कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय समुदायों को जोड़कर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विशेष रूप से पिकनिक या अन्य गतिविधियों की आड़ में होने वाले शिकार को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। यह सभी प्रयास वन एवं वन्यजीव संरक्षण की रणनीति (Anti Snare Walk Campaign) के तहत किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में गरियाबंद जिले के परिक्षेत्र कुल्हाड़ीघाट अंतर्गत ओड़ सर्कल में वन विभाग ने वन्यजीव अपराध के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान छह शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग की लगातार निगरानी और नियमित एंटी स्नेयर वाक अभियान (Anti Snare Walk Campaign) के चलते ग्राम सुनाबेड़ा (ओडिशा) के दो तथा ग्राम ओड़ के चार आरोपियों को धर-दबोचा गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से खरगोश पकड़ने के फंदे, तीर-कमान और मछली पकड़ने के जाल जैसी शिकार सामग्री बरामद की गई है। आरोपियों के विरुद्ध दो अलग-अलग प्रकरणों में पीओआर दर्ज कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। सभी छह अभियुक्तों को 07 जनवरी को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह कार्रवाई शिकारियों के खिलाफ सख्त संदेश (Anti Snare Walk Campaign) के रूप में देखी जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी गश्त और निगरानी को और अधिक मजबूत किया जाएगा, ताकि वनों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा को किसी भी स्थिति में कमजोर न होने दिया जाए।


