CGBSE 12th Hindi Exam Date : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (Board Exam Paper Leak) ने 12वीं बोर्ड के हिंदी प्रश्नपत्र के वायरल होने के बाद उपजे विवाद पर विराम लगाते हुए नई समय-सारणी और दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में हुए इस बोर्ड परीक्षा पेपर लीक की घटना ने न केवल शासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ढाई लाख छात्रों के भविष्य को भी अधर में लटका दिया था। अब बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रद्द की गई हिंदी की परीक्षा आगामी 10 अप्रैल को आयोजित की जाएगी।
ढाई लाख छात्रों की बढ़ी धड़कनें
माध्यमिक शिक्षा मंडल के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 2.5 लाख परीक्षार्थियों को दोबारा परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। सबसे बड़ी चुनौती उन छात्रों के सामने आई है जो 12वीं की मुख्य परीक्षाएं खत्म मानकर व्यापमं या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए दूसरे शहरों या राज्यों की ओर रुख कर चुके थे। इस बोर्ड परीक्षा पेपर लीक (Board Exam Paper Leak) के कारण अब उन छात्रों को अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर वापस लौटना पड़ रहा है। मंडल ने यह भी साफ किया है कि इस विशेष परीक्षा के लिए छात्रों को नए सिरे से प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी न हो।
परीक्षा केंद्र वही, पर सुरक्षा होगी अभेद्य
भले ही छात्रों के लिए नए प्रवेश पत्र जारी हो रहे हैं, लेकिन परीक्षा केंद्रों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। छात्र पूर्व में आवंटित अपने पुराने केंद्रों पर ही परीक्षा देंगे। बोर्ड ने इस बार सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। इस बोर्ड परीक्षा पेपर लीक (Board Exam Paper Leak) से सबक लेते हुए मंडल ने निर्णय लिया है कि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के ठीक एक घंटे पहले केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। इससे पहले ये पेपर संबंधित थानों के स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखे जाएंगे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था सेट-बी
बता दें कि यह पूरा विवाद 14 मार्च को आयोजित हिंदी की परीक्षा के बाद शुरू हुआ था। 15 और 16 मार्च को इंटरनेट मीडिया पर सेट-बी के प्रश्नपत्र लीक होने के दावे किए गए थे। शुरुआत में मंडल ने इसे अफवाह बताया था, लेकिन आंतरिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह पुष्टि हुई कि प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग हुई है। इसी बोर्ड परीक्षा पेपर लीक (Board Exam Paper Leak) की गंभीरता को देखते हुए पूरी परीक्षा को रद्द करने का साहसिक लेकिन कड़ा फैसला लिया गया।
रिजल्ट में होगी देरी, मूल्यांकन का दूसरा चरण शुरू
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम का सीधा असर बोर्ड परीक्षा के परिणामों पर पड़ने वाला है। आमतौर पर छत्तीसगढ़ बोर्ड मई के पहले सप्ताह में नतीजे घोषित कर देता है, लेकिन इस बार हिंदी की परीक्षा टलने और दोबारा आयोजन के कारण परिणाम में 10 से 15 दिनों की देरी होना तय है। हालांकि, अन्य विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है, लेकिन हिंदी की कॉपियों की जांच अब 10 अप्रैल के बाद ही शुरू हो पाएगी।
सावधान! नंबर बढ़वाने के नाम पर आ रहे फर्जी कॉल
बोर्ड परीक्षाओं के बीच एक और बड़ा खतरा ‘साइबर ठगों’ का उभरकर सामने आया है। मंडल ने आधिकारिक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मूल्यांकन केंद्रों से डेटा लीक होने का झांसा देकर कुछ गिरोह छात्रों और अभिभावकों को फोन कर रहे हैं। इस बोर्ड परीक्षा पेपर लीक (Board Exam Paper Leak) के माहौल का फायदा उठाकर ठग पैसे के बदले नंबर बढ़वाने या फेल से पास कराने का प्रलोभन दे रहे हैं। मंडल ने साफ किया है कि वर्ष 2024 और 2025 में भी ऐसी घटनाएं हुई थीं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत नजदीकी थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं।
कैसे करें 10 अप्रैल की तैयारी
चूंकि यह परीक्षा दोबारा हो रही है, छात्रों के पास रिवीजन के लिए पर्याप्त समय है। शिक्षकों का मानना है कि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर थोड़ा कठिन हो सकता है, इसलिए छात्रों को सेट-ए, बी और सी तीनों का गहन अध्ययन करना चाहिए। इस बोर्ड परीक्षा पेपर लीक (Board Exam Paper Leak) की मानसिक उलझन को पीछे छोड़कर छात्रों को केवल अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। नए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए छात्र मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।
व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत Board Exam Paper Leak
छत्तीसगढ़ में इस तरह की घटना होना शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर चोट है। सरकार को चाहिए कि प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण के लिए डिजिटल लॉक या जीपीएस आधारित ट्रैकिंग का इस्तेमाल करे, ताकि भविष्य में कभी भी बोर्ड परीक्षा पेपर लीक (Board Exam Paper Leak) जैसी शर्मनाक स्थिति पैदा न हो। फिलहाल, 10 अप्रैल की परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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