मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को तकनीकी, औद्योगिक और उद्यमिता विकास (Digital Innovation Ecosystem) के नए युग में ले जाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक अधोसंरचना, पारदर्शी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-हितैषी नीतियों के माध्यम से राज्य में एक मजबूत डिजिटल नवाचार वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ को देश के उभरते निवेश गंतव्यों में शामिल किया जा सके।
राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आईटी, आईटीईएस और इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देते हुए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर सृजित किए जाएं। इसी क्रम में 10 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रातः 10.30 बजे एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न होगा।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य यह एमओयू किया जाएगा। इस समझौते के तहत राज्य में उद्यमिता आधारित नवाचार तंत्र (Digital Innovation Ecosystem) को मजबूत करने के उद्देश्य से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (सीओई) और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ईएसडीडी) सेंटर की स्थापना की जाएगी।
सीओई और ईएसडीडी सेंटर से मिलेगा तकनीकी संबल
समझौता ज्ञापन के अनुसार स्थापित किए जाने वाले सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (सीओईएस) के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि जैसे क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह पहल राज्य में स्टार्ट-अप और तकनीकी उद्यमिता (Digital Innovation Ecosystem) को नई गति प्रदान करेगी।
इसके साथ ही एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ईएसडीडी) सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र प्रतिवर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई इकाइयों को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, टेस्टिंग, स्किल डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण की संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे छत्तीसगढ़ में हार्डवेयर नवाचार संस्कृति (Digital Innovation Ecosystem) को सशक्त आधार मिलेगा।
युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर
इस पहल से छत्तीसगढ़ के युवाओं को उच्च कौशल आधारित रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग लिंकज, क्लाउड सेवाएं, डेटा सेंटर सुविधाएं और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का लाभ मिलेगा। इससे तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं का महानगरों की ओर पलायन कम होने की संभावना है और राज्य में ही स्थायी डिजिटल विकास मॉडल (Digital Innovation Ecosystem) विकसित होगा।
एसटीपीआई का राष्ट्रीय अनुभव बनेगा आधार
उल्लेखनीय है कि सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आईटी और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को सशक्त बना रहा है। एसटीपीआई को सॉफ्टवेयर निर्यात, डेटा सेंटर संचालन, स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन और उन्नत डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है।
एसटीपीआई के साथ किया गया यह एमओयू छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय नवाचार प्लेटफॉर्मों और सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के मजबूत नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे राज्य की पहचान एक उभरते हुए तकनीकी और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी।
Digital Innovation Ecosystem डिजिटल छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम
कुल मिलाकर, चिप्स छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच होने वाला यह एमओयू राज्य को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और औद्योगिक विकास (Digital Innovation Ecosystem) की दिशा में एक नई पहचान दिलाने वाला कदम साबित होगा। यह पहल आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को तकनीक-आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव प्रदान करेगी।







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