भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टी20 वर्ल्ड कप से पहले सबसे बड़ी राहत (Tilak Varma World Cup Comeback) के रूप में सामने आई है। युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने वार्म-अप मुकाबले में जिस आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी की, उसने चयनकर्ताओं के कई सवालों के जवाब एक साथ दे दिए हैं। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेली गई यह पारी भले ही आंकड़ों में बड़ी न दिखे, लेकिन इसका असर टीम कॉम्बिनेशन पर गहरा पड़ा है।
तिलक वर्मा पिछले कुछ समय से चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे थे। उनकी फिटनेस को लेकर लगातार संशय बना हुआ था। लेकिन मैदान पर उतरते ही उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह अब पूरी तरह फिट हैं और बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार भी। बल्लेबाज़ी के दौरान उनकी टाइमिंग, फुटवर्क और शॉट चयन देखकर यह बिल्कुल नहीं लगा कि वह हाल ही में चोट से उबरकर आए हैं।
(Tilak Varma World Cup Comeback) नंबर-3 की पहेली लगभग सुलझी
टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी समस्या नंबर-3 बल्लेबाज़ को लेकर थी। शीर्ष क्रम के जल्दी आउट होने की स्थिति में टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी, जो पारी को संभाल भी सके और रन गति भी बनाए रखे। (Tilak Varma World Cup Comeback) ने इस कमी को काफी हद तक दूर कर दिया है। तिलक ने स्पिन और तेज गेंदबाज़ी दोनों के खिलाफ सहज बल्लेबाज़ी की और यह साबित किया कि वह दबाव में खेलने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने मैच के दौरान रिवर्स स्वीप, गैप में शॉट और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट लगाकर यह संकेत दिया कि वह टी20 क्रिकेट की मांग को बखूबी समझते हैं। 38 रन की यह पारी भले ही छोटी रही हो, लेकिन चयनकर्ताओं के लिए इसका संदेश साफ था।
(Tilak Varma World Cup Comeback) ऑलराउंड तैयारी ने बढ़ाया भरोसा
मैच से पहले अभ्यास सत्र में तिलक वर्मा सिर्फ बल्लेबाज़ी ही नहीं, बल्कि गेंदबाज़ी पर भी मेहनत करते नजर आए। रवि बिश्नोई के साथ नेट्स में गेंदबाज़ी करना इस बात का संकेत है कि टीम मैनेजमेंट उन्हें सिर्फ बल्लेबाज़ नहीं, बल्कि उपयोगी ऑलराउंड विकल्प के तौर पर भी देख रहा है। (Tilak Varma World Cup Comeback) ने उनकी वैल्यू टीम के भीतर और बढ़ा दी है।
ईशान किशन बनाम संजू सैमसन
तिलक (Tilak Varma World Cup Comeback) की वापसी से मध्यक्रम मजबूत हुआ है, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ की रेस और मुश्किल हो गई है। संजू सैमसन हालिया मुकाबलों में संघर्ष करते दिखे हैं, जबकि ईशान किशन ने मिले मौकों का बेहतर इस्तेमाल किया है। टीम संतुलन को देखते हुए अब दोनों में से एक को ही अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है।
कप्तान और टीम मैनेजमेंट के संकेत साफ हैं कि मौजूदा फॉर्म को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में ईशान किशन का पलड़ा इस वक्त भारी नजर आ रहा है, जबकि संजू सैमसन के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है।
वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस ने बढ़ाई चिंता
टीम इंडिया के लिए एक और चुनौती ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस को लेकर है। वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और उनकी उपलब्धता पर संशय बना हुआ है। इसी वजह से टीम मैनेजमेंट ने विकल्पों पर काम शुरू कर दिया है। अभ्यास मैचों में तिलक वर्मा, रियान पराग और आयुष बदोनी से गेंदबाज़ी कराई जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर बल्लेबाज़ अतिरिक्त ओवर निकाल सकें।
7 फरवरी पर टिकी नजरें
अब सबकी नजरें 7 फरवरी पर हैं, जब टीम इंडिया अपने अभियान की शुरुआत करेगी और वर्ल्ड कप के लिए अंतिम प्लेइंग-11 लगभग तय हो जाएगी। (Tilak Varma World Cup Comeback) ने यह साफ कर दिया है कि तिलक वर्मा इस टीम का अहम हिस्सा होंगे, जबकि विकेटकीपर की कुर्सी पर किसी एक को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।










