Jashpur News : इंटरनेट मीडिया (Jashpur District Hospital) पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जशपुर नगर शहर के कुछ लोग एक बुजुर्ग बीमार महिला को हाथ ठेले में उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि 108 एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को हाथ ठेले के माध्यम से अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला (Jashpur District Hospital) का नाम रजनी होता है, जिनकी उम्र लगभग 70 वर्ष बताई जा रही है। वे जशपुरनगर स्थित जिला चिकित्सालय के समीप ही निवास करती हैं और परिवार में कोई सदस्य न होने के कारण अकेले रहती हैं। रविवार की शाम लगभग 7 से 8 बजे के बीच अचानक उन्हें सिर में तेज दर्द के साथ उल्टियां शुरू हो गईं।
महिला की बिगड़ती हालत (Jashpur District Hospital) की जानकारी आसपास के लोगों को मिली, जिसके बाद दरबारी टोली निवासी वेद प्रकाश तिवारी, शंकर तामरकार, विशाल नायक, मंगल पांडे और राजेश गुप्ता महिला के घर पहुंचे। उन्होंने तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से सहायता लेने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बुजुर्ग महिला की जान बचाने के उद्देश्य से पास में खड़े एक हाथ ठेले में उन्हें बैठाया और जिला चिकित्सालय पहुंचाया। यह पूरा घटनाक्रम किसी व्यक्ति द्वारा मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया गया, जो बाद में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर तेजी से वायरल हो गया।
(Jashpur District Hospital) तकनीकी कारणों से बनी स्थिति : सीएमएचओ
इस मामले में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जी.एस. जात्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर उन्होंने स्वयं महिला के घर के पास जाकर 108 सेवा को मोबाइल से कॉल कर जांच की थी। इस दौरान कॉल तत्काल कनेक्ट हो गया और रिस्पॉन्स भी मिला।
डॉ. जात्रा के अनुसार, कभी-कभी पीक ऑवर के दौरान कॉल लाइन व्यस्त होने या तकनीकी कारणों से 108 सेवा में अस्थायी दिक्कत आ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुजुर्ग महिला को जिला चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। महिला को उच्च रक्तचाप (बीपी) बढ़ने की समस्या थी, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। सीएमएचओ ने बताया कि फिलहाल महिला की स्थिति में सुधार हो रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में इलाज जारी है।










