राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ ,रायगढ़। नगर निगम रायगढ़ द्वारा सोनुमुड़ा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 38 में 1 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बनवाई गई सड़क निर्माण के महज चार दिन बाद ही उधड़ने लगी है। यह सड़क वार्ड क्रमांक 37 से वार्ड 42 को जोड़ती है। सड़क की स्थिति सामने आने के बाद क्षेत्र के रहवासियों में नाराजगी देखी गई और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
चार दिन में उधड़ने लगी 1.22 करोड़ की सड़क, लीपापोती करते पकड़ा गया ठेकेदार
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद डामर उखड़ने लगा और बजरी सड़क की सतह पर दिखाई देने लगी। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के गुजरने से सड़क और क्षतिग्रस्त होने लगी। रहवासियों ने इसकी शिकायत नगर निगम से की और सड़क की फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए।
डामर की जगह सीमेंट का घोल डालकर ढकने का आरोप
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा उधड़े हुए हिस्सों में डामर की बजाय सीमेंट का घोल डालकर सड़क को ढकने का प्रयास किया गया। मोहल्लेवासियों ने इसका विरोध किया और मामले की जानकारी नगर निगम अधिकारियों को दी।
नगर निगम की कार्रवाई, इंजीनियर को शोकॉज
मामला सामने आने के बाद नगर निगम की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया, वहीं सड़क निर्माण से जुड़े इंजीनियर को शोकॉज नोटिस थमाया गया है।
नोटिस मिलते ही सड़क उखाड़ने में जुटा ठेकेदार
नोटिस मिलने के बाद ठेकेदार द्वारा सड़क को दोबारा उखाड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि अब भी कई स्थानों पर सड़क से बजरी बाहर निकल रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि पूरी सड़क को फिर से बनाया जाएगा या केवल खराब हिस्सों की मरम्मत की जाएगी।
भुगतान पर रोक के संकेत
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक ठेकेदार का भुगतान रोका जा सकता है। यदि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।











