प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव सट्टा एप मामले (Mahadev Betting App Case) में बड़ी कार्रवाई करते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत लगभग 21.45 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ स्थित ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से की गई है।
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ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में लगभग 98.55 लाख रुपये मूल्य की चल संपत्तियां तथा 27 अचल संपत्तियां शामिल हैं। अचल संपत्तियों में आवासीय मकान, वाणिज्यिक दुकानें, कृषि भूमि के साथ-साथ भारत और दुबई में स्थित लग्जरी अपार्टमेंट (Mahadev Betting App Case ) शामिल हैं। इन सभी अचल संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 20.46 करोड़ रुपये बताया गया है।
यह नवीनतम कुर्की कार्रवाई उस व्यापक जांच का हिस्सा है, जो छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पुलिस द्वारा दर्ज (Mahadev Betting App Case) की गई कई प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। इन प्राथमिकी में एक बड़े पैमाने पर संचालित अवैध ऑनलाइन सट्टा और बेटिंग सिंडिकेट का खुलासा हुआ था, जो टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 और लेजर247 जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम कर रहा था।
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जांच में सामने आया है कि इस अवैध सट्टा नेटवर्क (Mahadev Betting App Case) के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया और इस धन को विभिन्न माध्यमों से संपत्तियों में निवेश किया गया। ईडी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि महादेव सट्टा एप के प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और वर्तमान में दुबई में फरारी काट रहे हैं। ईडी इन दोनों आरोपितों की तलाश में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई (Mahadev Betting App Case) कर रही है और मामले में आगे भी संपत्तियों की कुर्की तथा कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।










