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Supreme Court New Judge : रायगढ़ के प्रशांत मिश्रा सुप्रीम कोर्ट में बने जज, सीजेआई ने दिलाई शपथ

Raipur News : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा और सीनियर एडवोकेट केवी विश्वनाथन ने (Supreme Court New Judge) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश (Supreme Court New Judge) के रूप में शपथ ली। वहीं, इस शपथ ग्रहण समारोह में सुप्रीम कोर्ट के सभी जज (Supreme Court New Judge) समारोह में मौजूद रहे हैं। दोनों जजों को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने शपथ दिलाई।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 16 मई को केंद्र से प्रशांत कुमार मिश्रा और विश्वनाथन को हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में प्रमोट करने की सिफ ारिश की थी। न्यायमूर्ति मिश्रा और न्यायमूर्ति विश्वनाथन की नियुक्ति का वारंट गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय से जारी किया गया था। उनकी नियुक्तियों की घोषणा नए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ट्विटर पर की। वहीं, आज उनका शपथ ग्रहण समारोह हो गया। सीजेआई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल, केएम जोसेफ, अजय रस्तोगी और संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए जस्टिस मिश्रा और विश्वनाथन के नाम की सिफ ारिश करने का निर्णय लिया था।

छत्तीसगढ़ ज्यूडिशियरी के लिए बड़ा दिन

जस्टिस प्रशांत मिश्रा का जन्म छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुआ है। उनके दिवंगत पिता विद्याधर मिश्रा रायगढ़ कोर्ट में वकील थे। पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए प्रशांत मिश्रा ने भी बीएससी करने के बाद गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री ली। फिर रायगढ़ जिला अदालत में प्रैक्टिस करते करते जबलपुर हाईकोर्ट में भी वकालत करने लगे। इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य और हाईकोर्ट बनने के बाद बिलासपुर आ गए और यहां बड़े वकील के रूप में पहचान बना ली। प्रशांत मिश्रा दो साल तक छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन रहे।

साल 2005 में वे सीनियर एडवोकेट बन गए थे। फिर उन्हें राज्य सरकार ने 2007 में महाधिवक्ता नियुक्त किया। इस दौरान उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया और कोर्ट में पूरी दमदारी और कानूनी तथ्यों के साथ सरकार का पक्ष रखा। इसके बाद 10 दिसंबर 2009 में उन्हें हाईकोर्ट का जज बना दिया गया। दो साल पहले ही उन्हें सीनियर जज से चीफ जस्टिस बनाया गया और अब सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए 23 साल के इतिहास में पहला मौका है, जब यहां के वकील ने शीर्ष न्यायिक अदालत में अपनी धमक दिखाई है।

13 साल से अधिक समय तक रह चुके हैं जज

प्रस्ताव में कहा गया है कि न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने तेरह वर्षों से अधिक समय तक हाईकोर्ट के जज के रूप में कार्य किया है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि प्रशांत हाईकोर्ट के जजों की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूची में क्रम संख्या 21 पर हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में उनका नाम नियुक्त किया जाता है। हालांकि, वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों की स्वीकृत संख्या है और वह 32 जजों के साथ काम कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में आज दो जजों की नियुक्ति होने से अब सुप्रीम कोर्ट में सभी जजों की पूरी क्षमता होगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट केवल कुछ समय के लिए पूरी क्षमता से काम करेगी क्योंकि शुक्रवार को तीन न्यायाधीशों का अंतिम कार्य दिवस भी है जो जून में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। न्यायमूर्ति केएम जोसेफ, न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन अगले महीने गर्मी की छुट्टी के दौरान कार्यालय छोडऩे वाले हैं।

रिटायर होने वाले हैं तीन जज

सुप्रीम कोर्ट में आज दो जजों की नियुक्ति होने से अब सुप्रीम कोर्ट में सभी जजों की पूरी क्षमता होगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट केवल कुछ समय के लिए पूरी क्षमता से काम करेगी क्योंकि शुक्रवार को तीन न्यायाधीशों का अंतिम कार्य दिवस भी है जो जून में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। न्यायमूर्ति केएम जोसेफ, न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन अगले महीने गर्मी की छुट्टी के दौरान कार्यालय छोडऩे वाले हैं।

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