Baramkela News : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के डीईओ और बरमकेला बीईओ की मनमानी के कारण दिवंगत शिक्षक की पत्नी न सिर्फ दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है, बल्कि इन गैर जिम्मेदार अफसरों के कारण बेवा महिला को पड़ोसियों से सहयोग लेकर गुजर बसर करने की नौबत आन पड़ी है। दरअसल, मामला अनुग्रह (अग्रसिया ) (Agresia Payment) राशि के भुगतान से जुड़ा हुआ है।
बरमकेला ब्लॉक के बिरनीपाली निवासी रामकुमार साहू इसी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम भालूपानी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ थे। उनका बीते 17 सितंबर को आकस्मिक निधन हो गया। सरकार की तरफ से शासकीय कर्मचारी के देहांत होने पर 3 दिनों के भीतर अनुग्रह (Agresia Payment) राशि 50 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है, लेकिन दिवंगत प्रधान पाठक की पत्नी की 11 दिन बाद भी यह राशि नहीं मिल पायी है।
मृतक शिक्षक की बेवा की स्थिति काफी दयनीय है और आस पड़ोस से सहयोग मांग कर अपना गुजारा करने के लिए मजबूर हैं। अधिकारियों की लापरवाही और मानवताहीन रवैये को देखते हुए मृतक शिक्षक के क्रियाकर्म के लिए ग्रामीण एवं स्थानीय लोग चन्दा कर बेवा चन्द्रकला साहू को सहयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षक की बेवा ने बताया कि कई बार संबंधित कर्मचारियों को फोन के माध्यम से राशि प्रदान कराने हेतु निवेदन कर चुकी है। लेकिन अब तक राशि प्राप्त नहीं हुई है। इसके कारण बेवा मानसिक रूप से परेशान और खुद को प्रताड़ित महसूस कर रही है।
इस संबंध में सारंगढ़ डीईओ और बरमकेला बीईओ का पक्ष रखने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया। उन्हें मैसेज भी किया, इसका भी कोई जवाब नहीं आया।