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शिकारी खुद हो गया शिकार : जंगली सूअर की शिकार के लिए लगाया करंट, चपेट में आने से मौत

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली जानवरों की शिकार की आस में जंगल गया शिकारी खुद शिकार हो गया। इस मामले में पुलिस ने उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरा फरार है। जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। जानकारी के मुताबिक, 8 दिसंबर को धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पोटिया निवासी सुफल सिंह राठिया पिता गुरूवार सिंह राठिया 53 वर्ष के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों ने पुलिस को बताया  कि 07 दिसबंर के शाम से सुफल सिंह राठिया घर में बिना बताये कहीं निकला है और घर वापस नहीं लौटा आया है। पुलिस गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरंभिक जांच में पता चला कि सुफल राठिया गांव के पंचराम राठिया और सुनील तिर्की के साथ ज्यादातर उठता-बैठता है। दोनों को पूछताछ के लिए उनके घर पहुंची पुलिस तो दोनों गायब थे। संदेह होने पर दोनों की तलाश पुलिस ने तेज कर दी। इस दौरान एक संदेही पंचराम राठिया को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो चौकाने वाला खुलासा हुआ। संदेही पंचराम राठिया अपने साथी सुनील तिर्की और सुफल राठिया (मृतक) के साथ जंगली सुअर के शिकार के लिये लगाये गये करंट की चपेट में आकर सुफल राठिया की मौत होना और पकड़े जाने के भय से सुफल राठिया के शव को दोनों गांव के घूमानारा डैम में डाल कर फरार हो जाना बताया।

 

 

 

इस तरह करंट की चपेट में आया : आरोपी पंचराम राठिया ने अपने कथन में पुलिस को बताया कि 7 दिसंबर की शाम सुफल सिंह राठिया, सुनील तिर्की के साथ जंगली सूअर का शिकार करने के इरादे से लोहे का तार और बिजली का तार लेकर गांव के दरस राठिया के खेत के मेड़ के पास गए। लोहे का तार फैला दिए खंभे से करंट युक्त तार जोड़ कर पास ही चुपचाप बैठ गए थे, रात्रि करीब 11:30 बजे सुफल राठिया बिछाये तार में कोई जानवर फंसा है या नहीं कहकर देखकर आता हूं कहकर चला गया, कुछ देर बाद गांव में हाथी आने की आवाज सुनकर सुफल राठिया को बुलाने गया तो देखा सुफल बिजली तार के ऊपर गिरा पड़ा था करंट के कारण उसका पूरा शरीर काला होकर जल गया था। तब सुनील तिर्की को बुला कर दिखाया फिर दोनों काफी डर गए खंभे से तार को अलग कर करंट हटाये और अपने-अपने घर चले गए । अगले दिन सुबह फिर दोनों दरस राठिया के खेत के पास गए और तारों को लपेट कर छुपा दिए और सुफल राठिया के शव को उसी के शॉट में लपेट कर लट्ठ (लकड़ी का डंडा) की सहायता से शॉल में हाथ, पैर को बांधकर गांव के घूमानारा डैम ले गए और घूमानारा डैम में सुफल राठिया की लाश को पत्थर बांध का डैम के पानी में डाल कर छिपा दिये ताकि पत्थर के वजन से लाश बाहर ना आ सके। उसके बाद बिजली के तार को जंगल में छुपा रखे थे जिसे आरोपी के निशानदेही पर जब्त कर लिया गया। 

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