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ये हाल है छग में- रायगढ़ एसडीएम का अजब-गजब आदेश, जिसके खिलाफ होनी है जांच, उसे ही दिया प्रभार

रायपुर। राजस्व मंडल ने रायगढ़ एसडीएम की कार्यशैली पर गंभीर टिप्पणी की थी। इसके बाद भी एसडीएम कार्यालय का कामकाज जस का तस है। अब एसडीएम ने जो आदेश जारी किया है उसे लेकर बवाल मच गया है। अतरमुड़ा क्षेत्र में जमीन के दो मामलों में पूर्व पटवारी के विरुद्ध गंभीर शिकायतों की जांच चल रही है। लेकिन एसडीएम ने उसी पटवारी को पुन: पदस्थ कर दिया है। एसडीएम न्यायालय में एक प्रकरण को लेकर राजस्व मंडल ने बहुत कठोर आलोचना की थी। मंडल अध्यक्ष ने रायगढ़ आकर जांच भी की थी। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। अब एसडीएम ने ऐसा आदेश किया जिसे देखकर सभी हैरान हैं। अतरमुड़ा क्षेत्र में जमीनों के दो मामलों में पूर्व पटवारी मनहरण देवांगन द्वारा किया गया सीमांकन त्रुटिपूर्ण पाया गया है। इसकी जांच के आदेश दिण्ए गए हैं। लेकिन इस बीच एसडीएम ने अतरमुड़ा के वर्तमान पटवारी विनय त्रिपाठी को हटाकर उसकी जगह पुन: मनहरण देवांगन को पदस्थ कर दिया है। जिस पटवारी के खिलाफ कूटरचना का आरोप है और एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं, उसी को पुन: कमान देने का निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं। मि_ुमुड़ा निवासी अमोलक सिंह की छोटे अतरमुड़ा में खसरा नंबर 38/1 रकबा 0.291 हे., खनं 81/2 रकबा 0.364 हे. और खनं 81/4 रकबा 0.109 हे. कृषि भूमि स्थित है। इस जमीन का सीमांकन व नक्शा दुरुस्ती 2012 में किया जा चुका है। लेकिन मनहरण देवांगन ने किसी और को लाभ पहुंचाने की नीयत से पुन: 2018 में सीमांकन किया था। जब इसका पता अमोलक सिंह को चला तो उन्होंने इसके विरुद्ध अपील भी की और साथ में शिकायत भी की थी। अतिरिक्त कलेक्टर ने मामले में 2012 के सीमांकन को सही माना और 2018 के सीमांकन को खारिज किया। साथ ही इसे कूटरचना मानते हुए पटवारी, आरआई समेत अन्य दोषियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे। कलेक्टर से हाल ही में इसकी शिकायत भी की गई जिसके बाद आवेदन को टीएल में शामिल किया गया है। इसकी पुन: जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन एसडीएम ने अतरमुड़ा का प्रभार पुन: मनहरण देवांगन को दे दिया है।

भूस्वामी को बताए बिना कर दिया सीमांकन- अतरमुड़ा में लंबे समय तक पदस्थ मनहरण देवांगन के विरुद्ध पूर्व में कई शिकायतें हो चुकी हैं। इसके बावजूद एसडीएम उर्वशा ने पुन: उसी हलके में पदस्थापना दे दी। जयप्रकाश पोद्दार ने पंचायत ट्रेनिंग सेंटर वाली रोड पर स्थित एक जमीन के सीमांकन में भी मनहरण देवांगन के भ्रष्टाचार की पोल खोली है। कलेक्टर को की गई शिकायत में कहा गया है कि बड़े अतरमुड़ा में उनकी भूमि खनं 102/3 रकबा 0.313 हे. और 102/4 रकबा 0.081 हे. स्थित है। इससे लगी हुई दूसरे की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। पूर्व पटवारी मनहरण देवांगन ने कुछ लोगों के साथ मिलकर बिना सूचना दिए चुपचाप सीमांकन कर नक्शा बटांकन कर दिया। आवेदक का कहना है कि नक्शा इस तरह काटा गया कि अब उनकी जमीन पर दीवार खड़ा कर कब्जा किया जा रहा है। यही नहीं कुछ शासकीय कर्मचारियों को जमीन के टुकड़े बेचे भी हैं। इस मामले में भी जांच चल रही है।

खुद ही दिए जांच के आदेश, अब दबा रहे मामला- हैरत की बात यह है कि खुद एसडीएम युगल किशोर उर्वशा ने 28 सितंबर 2020 को पीटीसी रोड किनारे की जमीन मामले में मनहरण देवांगन के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। छह सदस्यीय जांच टीम में वर्तमान पटवारी विनय त्रिपाठी भी हैं। दोनों ही प्रकरणों में जांच शुरू हो गई है। विनय त्रिपाठी ने दस्तावेजों की पड़ताल जैसे ही शुरू की, उन्हें हटाकर एसडीएम उर्वशा ने मनहरण देवांगन को पदस्थ कर दिया। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो बहुत ही भोलेपन से उन्होंने अनभिज्ञता जता दी।

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